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Jyesth Amavasya 2020: इस दिन जरूर करें ये काम और इन चीजों की बरतें सावधानी

Tue, 19 May 2020 07:37 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 19 May 2020 07:37 AM IST
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Jyesth Amavasya 2020 Dos and Dont's and religious significance
ज्येष्ठ अमावस्या 2020 - फोटो : अमर उजाला

ज्येष्ठ अमावस्या 22 मई को पड़ रही है। धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का बड़ा महत्व है। इस दिन वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है और शनि महाराज की जयंती भी ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही होती है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अमावस्या तिथि के दिन पवित्र नदी अथवा जलकुंड में स्नान, दान और तर्पण का बड़ा महत्व होता है। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन कुछ कार्य जरूर करने चाहिए, जबकि कुछ कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इस समय देश में कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है। लिहाजा सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक कर्मकांड करने से बचें।  

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गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला

ज्येष्ठ अमावस्या के दिन विशेष रूप करें ये उपाय

  • इस दिन गंगाजल से स्नान कर पितरों की शांति कराएं।
  • संभव हो तो उपवास रखें इससे पितृदोष और गृहदोष दूर हो जाते हैं।  
  • बुरी नजर से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • शनि महाराज की आराधना करें। शनि देव को तेल अर्पित करना चाहिए। 
  • इस दिन काली उड़द और लोहा भी दान करना चाहिए।
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क्रोध
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन भूलकर भी न करें ये कार्य
  • अमावस्या क्रोध व लड़ाई-झगड़े से बचना चाहिए। 
  • इस दिन घर में शांति का वातावरण बनाएं रखना चाहिए।
  • तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए। 
  • अमावस्या के दिन देर तक नहीं सोना चाहिए। 
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शनि जयंती 2020 - फोटो : social media

इस अमावस्या को होती है शनि जयंती
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि का जन्म हुआ था। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से शनि का महत्वपूर्ण स्थान है। आस्था के दृष्टि से देखें तो शनि को देवता की संज्ञा दी गई है और ज्योतिष में इसे एक क्रूर ग्रह माना गया है। इस दिन मंदिरों में विशेष रूप से शनि-शांति के कर्म, अनुष्ठान, पूजा-पाठ और दान आदि से पितृ दोषों की शांति होती है। 

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वट सावित्री व्रत 2020 - फोटो : गूगल

आज के दिन रखा जाता है वट सावित्री व्रत
अमावस्या के दिन किए जाने वाले अन्य पुण्य कार्यों के साथ इस दिन महिलाएं वट-सावित्री का व्रत भी करती हैं। यह हिन्दू धार्मिक संस्कृति का महत्वपूर्ण व्रत है। इस व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु एवं सुखी जीवन के लिए रखती हैं। मान्यता है जो महिलाएं वट सावित्री व्रत का पालन सच्चे मन से करती हैं। उनके जीवनसाथी (पति) की आयु बढ़ती है। 

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