यकीन करना मुश्किल होगा, दो मांओं ने मिलकर पैदा किया एक बच्चा
संतान पाने के लिए आज कल कई तरीके आ गए हैं। लेकिन आज भी विज्ञान उन तरीकों का इजाद नहीं कर पाया है जैसा प्राचीन काल में हमारे देश में मौजूद था। यहां हम महाभारत की कुछ घटनाओ के बारे में बात कर रहे हैं जहां इस तरह से संतान का जन्म हुआ था कि आप सोच कर भी हैरान हो जाएंगे।
यकीन करना मुश्किल होगा, दो मांओं ने मिलकर पैदा किया एक बच्चा
महाभारत में एक बड़े योद्धा का जिक्र मिलता है जिसका नाम था जरासंध। यह मगध का राजा था। इसकी दो बेटियों से कंश का विवाह हुआ था। कंश वध के बाद भगवान श्री कृष्ण से बदला लेने के लिए इसने 17 बार मथुरा पर आक्रमण किया। इस योद्धा के जन्म की कहानी बड़ी ही अजीब है।
यकीन करना मुश्किल होगा, दो मांओं ने मिलकर पैदा किया एक बच्चा
मगध के राजा बृहद्रथ की दो पत्नी थी लेकिन संतान एक भी नहीं थी। संतान की इच्छा से राजा बृहद्रथ ऋषि चण्डकौशिक के पास गए। राजा की प्रार्थना पर ऋषि ने एक फल दिया और कहा कि इसे अपनी पत्नी को खिला देना संतान सुख प्राप्त होगा।
यकीन करना मुश्किल होगा, दो मांओं ने मिलकर पैदा किया एक बच्चा
राजा की दो पत्नी थी ऐसे में किसी के साथ अन्याय न हो इसलिए राजा ने फल को काटकर आधा आधा भाग दोनों पत्नियों को खिला दिया। परिणाम यह हुआ कि जब संतान के जन्म का समय आया तो दोनों रानियों ने दो टुकडों में संतान को जन्म दिया। ऐसी संतान को देखकर रानियों ने वन में फेंकवा दिया।
यकीन करना मुश्किल होगा, दो मांओं ने मिलकर पैदा किया एक बच्चा
संयोगवश उस समय जरा नाम की एक राक्षसी वन से गुजर रही थी। जरा ने दोनों टुकड़ों को लेकर जैसे ही आपस में मिलाया दोनों टुकड़ा जुड़ गया और बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। जरा नाम की राक्षसी के कारण इस बालक को जीवन मिला था इसलिए यह जरासंध कहलाया। महाभारत का एक और पात्र ऐसा है जिसका जन्म दो मांओं से हुआ था।