Hindu Nav Varsh 2022 : 2 अप्रैल से हिंदू नववर्ष 2079 होगा शुरू, शनि राजा जबकि बृहस्पति होंगे मंत्री, जानें इसका महत्व
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शनि के पास सर्वाधिक अधिकार
‘नल’नामक नए संवत्सर में राजा का अधिकार शनिदेव के पास तो है ही इसके साथ ही नीरशेष अर्थात ऐसी वस्तुएं जिनमें पानी नहीं होता ठोस होती हैं, ऐसी सभी धातुओं का स्वामित्व भी शनिदेव के पास ही है। ग्रीष्मकालीन फसलों का स्वामित्व भी शनिदेव के पास ही है। संपूर्ण वर्षपर्यंत कोषाध्यक का स्वामित्व भी शनिदेव के पास होने के फलस्वरूप सरकार आमदनी का बड़ा हिस्सा सामाजिक कार्यों पर खर्च करेगी। आप ऐसा भी कह सकते हैं कि नए संवत्सर में विश्व की संपूर्ण अर्थव्यवस्था का अधिकार शनिदेव के पास ही होगा। सरकार मुफ्त राशन व्यवस्था को आने वाले कई महीनों तक जारी रखना चाहेगी। जिन-जिन वस्तुओं का अधिकार शनिदेव के पास है उनमें महंगाई भी चरम पर होगी। प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारूरूप से चलाने के लिए सरकारें कई तरह के कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं रहेंगी अतः अराजकता तो बढ़ेगी किंतु उसी तरह से उसका दमन भी किया जाएगा।
संवत्सर के मंत्री बृहस्पति
जनमानस के लिए सुखद समाचार यह है कि नए संवत्सर में मंत्री का अधिकार गुरुदेव बृहस्पति के पास है जिसके फलस्वरूप शीर्ष नेतृत्व और उनके सचिवों के बीच सामंजस्य बढ़ेगा और सरकारों को अपनी बातें जनता तक पहुंचाने और योजनाओं को लागू करने में आसानी रहेगी। देश का विदेशी मुद्रा भंडार नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यहां तक कि,शेयर बाजार भी अपने निवेशकों को मालामाल करेगा। फसलों की पैदावार भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। सरकार लोक कल्याणकारी नीतियों को सहजता से लागू कर पाएगी और जनता तक अपने संदेश पहुंचाने में सफल रहेगी।
सेनापति और वर्षा का अधिकार बुध के पास
संवत्सर में सेनापति और वर्षा के स्वामी का अधिकार युवराज बुध के पास है। सेनापति बुध होने के फलस्वरूप आने वाले समय में सरकारें आतंकवाद को कुचलने में पूरी तरह सफल होती दिखाई देगी और रक्षा बजट पर बहुत अधिक खर्च नहीं होगा। जनता कठोर निर्णय-प्रशासन के चलते अराजकता से बचेगी और सुख शांति से जीवन यापन करेगी । मेघों के स्वामी अथवा वर्षा का अधिकार भी बुध के पास होने के फलस्वरूप पर्याप्त वर्षा होगी। फसलों की पैदावार में भारी वृद्धि होगी। धर्म-कर्म यज्ञ अनुष्ठान भी खूब होंगे एक अलग तरह का सुखद माहौल रहेगा।
संवत्सर में फलों का आधिपत्य मंगल के पास रहेगा जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष वृक्षारोपण का भी नया कीर्तिमान स्थापित होगा। यद्यपि फूल-फल तथा औषधियों की पैदावार अपेक्षाकृत कम रहेगी फिर भी सरकार कृषि के क्षेत्र में नई-नई योजनाओं को लागू करके जनता को कमाई के नए अवसर उपलब्ध कराती रहेगी।