साल 2019 अपने अंतिम चरण में है। नए साल 2020 शुरू होने में बस अब कुछ ही दिन रह गए हैं। नए साल की शुरुआत धार्मिक कार्यों से ही करनी चाहिए, ऐसा करने से साल भर भगवान का आशीर्वाद हम पर बना रहता है। आज हम आपको देश के कुछ प्रमुख मंदिरों की जानकारी देने जा रहे हैं, जहां दर्शन कर आप अपने नए साल को यादगार बना सकते हैं।
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नए साल में जरूर करें देश के इन मंदिरों में दर्शन, बना रहेगा सौभाग्य
Thu, 26 Dec 2019 08:55 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Thu, 26 Dec 2019 08:55 PM IST
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सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई
- एक ऐसे अनोखे मंदिर के बारे में, जहां गणपति बप्पा के सामने लिखने या मूषक के कान में बोलने से हर मुराद पूरी हो जाती है। यह मंदिर कोई और नहीं, बल्कि मुंबई के प्रभा देवी इलाके में स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर हिंदू ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए गहरी आस्था व पर्यटन का प्रतीक है। अपनी मुरादें लेकर देश व दुनिया से हजारों भक्त रोजाना इस मंदिर में बप्पा के समक्ष नतमस्तक होते हैं। आप भी आने वाले नए वर्ष में बप्पा के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
- काशी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। भोले शंकर का यह मंदिर भारत में ही नहीं विश्व भर में प्रसिद्द है। 12 ज्योतिर्लिंग में से एक इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। आने वाले नए साल में यहां जाकर भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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तिरुपति बालाजी, आंध्रप्रदेश
- तिरुपति बालाजी भारत के प्रसिद्द मंदिरों में से एक है। आंध्र प्रदेश में स्थित इस मंदिर में हर दिन भक्तों का तांता लगा ही रहता है। समुद्र तल से 3200 फीट की उचाई में स्थित वेंकटेस्वर मंदिर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां पर सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। नए साल में आप भी अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां जाएं और दर्शन करें।
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महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
- कालों के काल महाकाल की नगरी उज्जैन का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां होने वाली भस्म आरती महाकाल का श्रृंगार है और उन्हें जगाने की विधि है। आरती के दौरान पुजारी एक वस्त्र धोती में होते हैं। इस आरती में अन्य वस्त्रों को धारण करने का नियम नहीं है। महाकाल की आरती भस्म से होने के पीछे ऐसी मान्यता है कि महाकाल श्मशान के साधक हैं और यही इनका श्रृंगार और आभूषण है। आने वाले साल 2020 में आप भी हो जाइए तैयार महाकाल की इस भस्म आरती के लिए।