प्रभु श्री राम के भक्त श्री हनुमान की महिमा को तो सभी जानते हैं। बजरंग बली हनुमान संकट मोचन कहलाते हैं। उन्हें प्रसन्न करने के अनेक माध्यम हैं। इन्हीं में एक है श्री हनुमान चालीसा। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि वर्तमान समय में देश कोरोना रूपी संकट से गुजर रहा है ऐसी संकट के समय श्री हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर सभी भक्त घर में श्री हनुमान जन्मोत्सव मनाएं, प्रसाद के रूप में गुड़, भीगे या भुने हुए चने एवं बेसन के लड्डु रख सकते हैं। पूजा सामग्री के लिए गेंदा, गुलाब, कनेर, सूरजमुखी आदि के लाल या पीले फूल, सिंदूर, केसर युक्त चंदन, धूप-अगरबती, शुद्ध घी या चमेली के तेल का दीप आदि ले सकते हैं।
Hanuman Jayanti 2021: श्री हनुमान चालीसा के पाठ से दूर होंगे सारे संकट, रोग, दोष और भय से मिलेगा छुटकारा
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श्री हनुमान जी के चित्र या फोटो के समक्ष देशी घी अथवा चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें। श्री हनुमान जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है जो कि 27 अप्रैल मंगलवार के दिन है। प्रभु श्री राम के भक्त, संकट मोचन, महावीर, बजरंग बली श्री हनुमान की महिमा सबसे न्यारी है। सूरज को निगलना, पर्वत को उठाकर उड़ना, रावण की सोने की लंका को फूंकना, कितने ही ऐसे असंभव लगने वाले कार्य हैं जिन्हें श्री हनुमान ने कर दिखाया। माता अंजनी के लाल और पिता पवन के पुत्र वीर हनुमान का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
हनुमान जी का जन्म वैसे तो दो तिथियों में मनाया जाता है। पहला चैत्र माह की पूर्णिमा को तो दूसरी तिथि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। पौराणिक ग्रंथों में भी दोनों तिथियों का उल्लेख मिलता है लेकिन एक तिथि को जन्मोत्सव के रुप में तो दूसरी को विजय अभिनन्दन महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उनके जन्म को लेकर दो कथाएं भी प्रचलित हैं।
हनुमान चालीसा को लिखने वाले महान कवि तुलसीदास हैं। वे स्वंय प्रभु श्री राम के भक्त थे और रामभक्त श्री हनुमान में भी उनकी गहरी आस्था थी। रामचरित मानस में सुंदरकांड के जरिये तो उन्होंने हनुमान को नायक बनाकर पेश किया ही। साथ ही हनुमान चालीसा के रूप में भी उन्होंने संसार को दुख तकलीफों से मुक्ति पाने का एक मंत्र दिया। श्री हनुमान चालीसा असल में प्रभु श्री राम के भक्त पवनपुत्र भगवान श्री हनुमान के जीवन का सार है। 40 छंदो में महाकवि तुलसीदास ने उनके चरित्र का गुणगान किया जिसके कारण इसे चालीसा कहा जाता है।
कब करें हनुमान चालीसा का पाठ
- जब भी आपको कोई डर किसी प्रकार का भय सताए या आप पर कोई विपत्ति या संकट आ जाए तो उस समय श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने पर आपको राहत मिलती है और आपका डर, भय या कोई भी संकट चुटकी में गायब हो जाता है।
- ग्रहों में क्रूर माने जाने वाले शनिदेव यदि आप पर कोपित हों और किसी भी प्रकार के शनिदोष से आप जूझ रहे हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ आपके लिए कारगर है यह आपको शनिदोष से मुक्ति दिला सकता है।
- भूत-प्रेत जैसी किसी भी प्रकार की बुरी शक्तियों को दूर करने के लिए भी आप हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। यदि आपसे कोई ऐसा पाप कर्म हुआ है जिसको लेकर आप खुद को अपराधी महसूस करते हैं और आप अपने पाप का प्रायश्चित करना चाहते हैं, क्षमा मांगना चाहते हैं तो भगवान हनुमान से याचना कर सकते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करने पर बजरंग बली आपको क्षमा दान दे सकते हैं।
- यदि आप लंबे समय से कोई काम करना चाहते हैं लेकिन उसमें रह-रह कर एक के बाद एक बाधाएं आती रहती हैं और आपका काम रुका रहता है तो ऐसी स्थिति में भगवान गणेश की तरह ही बजरंग बली महावीर भी बाधाओं को दूर करते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करने से आपकी सारी बाधाएं दूर हो सकती हैं।