जम्मू-कश्मीर के कुछ बड़े मंदिर, जिनका है पौराणिक महत्व
नरेंद्र मोदी सरकार ने कश्मीर को लेकर एतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने राज्यसभा में कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल पेश कर दिया है। जिसके तहत धारा 370 का खात्मा किया जाएगा। ऐसे में हम आपको जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे है जिसका अपना पौराणिक महत्व है।
मार्तण्ड: यह मंदिर अनंतनाग और पहलगाम के रास्ते में स्थित है। यह सूर्यदेव का मंदिर है। जिन्हें सूर्यदेव की पूजा करनी होती है वह दर्शन के लिए आते हैं।
सुद्धमहादेव: यह मंदिर शिव भक्तों के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर जम्मू से करीब 125 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां आने के बाद शिव जी और पार्वती जी से जुड़ी कई कहानियों का पता चलता है।
शंकराचार्य मंदिर: शंकराचार्य के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर का निर्माण राजा अशोक ने करवाया था। अभी भी यहां दर्शन के लिए शंकराचार्य के भक्त आते हैं।
ज्वाला देवी मंदिर: हिमाचल के आलावा जम्मू में भी एक ज्वाला देवी मंदिर है। जहां लोग बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आते हैं।
वैष्णों देवी मंदिर: माता वैष्णों देवी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां हर मौसम में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। देश ही नहीं विदेश में भी इसकी मान्यता है।
अमरनाथ गुफा: जम्मू कश्मीर में स्थित अमरनाथ गुफा में हर साल हिम यानी बर्फ से स्वयंभू शिवलिंग तैयार होता है। हैरान करने वाली बात यह है कि हिमलिंग के निर्मित होने के लिए जल का स्रोत क्या है और यह शिवलिंग कैसे बनता है यह अपने आप में एक बड़ा अनसुलझा रहस्य है।