हनुमान जी कलियुग में मनोकामना पूरी करने वाले देवता माने जाते हैं और उनके ये मंदिर इस बात के सबूत माने जाते हैं जहां हर भक्त की सुनते हैं हनुमान और पूरी कर देते हैं मुराद।
हनुमान जी के आठ चमत्कारी मंदिर जहां भक्तों की सुनते हैं हनुमान, होती मुरादें पूरी
बिहार के दरभंगा जिला में राज परिसर में स्थिति यह है मनोकामना मंदिर। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि यहां से मांगी गयी मुरादें जरूर पूरी होती है। इसलिए इस मंदिर का नाम ही मनोकामना मंदिर पड़ गया है। इस मंदिर में स्थित हनुमान जी से अपनी मनोकामना पूरी करवाने का तरीका अनूठा है। लोग हनुमान जी के मंदिर पर अपनी मनोकामना लिखकर मंदिर की परिक्रमा करते हैं और मन ही मन प्रार्थना करते हैं कि उनकी मुराद पूरी हो जाए। आलम यह है कि मंदिर की दीवार पर जहां भी नजर डालेंगे आपको मन्नत लिखी नजर आएगी।
हनुमान जी के आठ चमत्कारी मंदिर जहां भक्तों की सुनते हैं हनुमान, होती मुरादें पूरी
प्रयाग में संगम तट पर हनुमान जी का एक मंदिर है जहां हनुमान जी की लेटी हुई मूर्ति है। पूरे भारत में यह अनोखा मंदिर जहां हनुमान जी लेट हुए मिलते हैं। कहते हैं यहां हनुमान जी को लाल सिंदूर का लेप करने से भक्तों की मनोकामना पूरी कर देते हैं हनुमान। इसके पीछे मान्यता है कि लंका में युद्ध करते हुए हनुमान जी काफी थक गए थे जिससे लेट गए। देवी सीता ने थके हुए हनुमान जी को देखकर सिंदूर का लेप लगाए जिससे हनुमान जी के शरीर में नव जीवन का संचार हुआ।
हनुमान जी के आठ चमत्कारी मंदिर जहां भक्तों की सुनते हैं हनुमान, होती मुरादें पूरी
ये हैं महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थित अखंड ज्योति बजरंगबली। नाम के अनुसार इस मंदिर की खूबी है कि यहां की ज्योति कभी बुझती नहीं है। यहां हनुमान जी अपने भक्तों की मुराद पूरी करते हैं वह भी बहुत ही आसान तरीके से। आटे का दीप बनाकर एक दीया जलाकर हनुमान जी के पास रख दीजिए हनुमान जी शनि की साढ़साती से लेकर दूसरे दुख भी दूर कर देते हैं।
हनुमान जी के आठ चमत्कारी मंदिर जहां भक्तों की सुनते हैं हनुमान, होती मुरादें पूरी
राजस्थान के चुरु जिले में हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है जिसे सालासर बालाजी के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में मौजूद हनुमान जी के दाढ़ी मूंछ हैं। मंदिर में एक वृक्ष जिस पर भक्तजन नारियल एवं ध्वजा चढ़ाते हैं तथा लाल धागे बांधकर मन्नत मांगते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद भक्त हनुमान जी को ध्वजा नारियल तथा छत्र आदि भेंट करते हैं। कुछ भक्त यहां सावामणी भोग भी अर्पित करते हैं।