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चाणक्य नीति: इन तीन चीजों को न समझे कभी छोटा, कर देती हैं बर्बाद

Tue, 16 Feb 2021 08:37 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Tue, 16 Feb 2021 08:37 PM IST
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

आचार्य चाणक्य कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है। इन्हें कूटनीति और राजनीति में महारत हासिल थी और ये अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ भी थे। आचार्य चाणक्य ने तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वहीं पर अध्यापक के पद पर विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। अर्थशास्त्र के साथ राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र और नीतिशास्त्र की भी रचना की है। जिनमें से नीतिशास्त्र की बातें आज भी लोक मानस में बहुत प्रचलित हैं। आचार्य चाणक्य की शिक्षाएं मनुष्य को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। नीतिशास्त्र में लिखी गई बातें आज भी उतना ही औचित्य रखती है जितना उस समय था। चाणक्य ने तीन ऐसी चीजों के बारे में बताया है जिन्हें कभी छोटा नहीं समझना चाहिए, अन्यथा आपको जीवन में नुकसान उठाना पड़ता है।


 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

ऋण
आचार्य चाणक्य के अनुसार मनुष्य को कभी भी ऋण (कर्ज) को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए, अन्यथा आगे जाकर कर्ज बढ़ता जाता है और आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जाती है जिसके कारण आपके समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए कर्ज को जितना हो सके जल्दी चुकाने की कोशिश करनी चाहिए।

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

शत्रु को कभी न समझे छोटा
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि शत्रु को कभी कमतर नहीं आकंना चाहिए। जो लोग अपने शत्रु को छोटा समझते हैं, उन्हें अपने जीवन में भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। शत्रु को छोटा समझकर मनुष्य सतर्कता नहीं बरतता है। जिसका फायदा उठाकर शत्रु आपके ऊपर अचानक हमला करके आपको नुकसान पहुंचा सकता है। 

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Chanakya Success Mantra - फोटो : social media

रोग को छोटा समझकर न बरते लापरवाही
आचार्य चाणक्य के अनुसार मनुष्य को कभी भी रोग की अवस्था को छोटा समझकर कभी भूलकर भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। जो लोग रोग को छोटा समझकर औषधि लेने में लापरवाही बरतते हैं, उन्हें आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। रोग को छोटा समझकर ध्यान न देने पर वह असाध्य हो सकता है, जिससे व्यक्ति को प्राणों तक पर संकट आ सकता है। 

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