Chaitra Navratri 2022: आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है और भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी आज से ही यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होती है। नवरात्रि का महापर्व पूरे भारत में काफी धूम-धाम से मनाया जाता है। हिंदू धर्म में मां आदिशक्ति की उपासना का ये पावन पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की सच्चे मन से आराधना की जाए तो सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा की साधना विशेष रूप से फलदायी होती है। इन दिनों मां भगवती की प्रसन्नता के लिए जो भी पूजा-अनुष्ठान किए जाते हैं, उनमें दुर्गा सप्तशती का पाठ बेहद ही महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि नवरात्रि में यदि दुर्गा सप्तशती का पाठ नौ दिनों तक पूरे विधि-विधान से किया जाए, तो मां जगदंबे शीघ्र ही प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
Chaitra Navratri 2022: नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ देगा विशेष फल, पढ़ने से मिलते हैं ये चमत्कारिक लाभ
दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन किया गया है। साथ ही इसमें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का वर्णन है। मां दुर्गा की साधना के लिए किए जाने वाले दुर्गा सप्तशती के 13 पाठों का अपना विशेष महत्व है। अलग-अलग बाधाओं के निवारण के लिए इनका पाठ किया जाता है। आइए जानते हैं दुर्गा सप्तशती के किस पाठ को करने से क्या फल मिलता है...
प्रथम अध्याय- दुर्गा सप्तशती का प्रथम पाठ करने से जातक की सभी चिंताएं दूर होती हैं।
द्वितीय अध्याय- दुर्गा सप्तशती के द्वितीय का अध्याय पाठ करने से हर तरह की शत्रुबाधा दूर होती है। साथ ही कोर्ट-कचहरी आदि से जुड़े मुकदमे में विजय प्राप्त होती है।
तृतीय अध्याय- दुर्गा सप्तशती के तृतीय अध्याय का पाठ करने से जातक के जीवन से शत्रुओं का नाश होता है।
चतुर्थ अध्याय- चतुर्थ अध्याय का पाठ करने से मां शेरावाली के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है।
पंचम अध्याय- पांचवें अध्याय का पाठ करने से भक्ति, शक्ति एवं देवी दर्शन का आशीर्वाद मिलता है।
षष्ठ अध्याय- वहीं दुर्गा सप्तशती के छठवें अध्याय का पाठ करने से जीवन से दुख, दारिद्रय, भय आदि दूर होता है।