Maa Maha Gauri Aarti: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना करना भक्तों के लिए बेहद खास माना गया है। इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी है, जो कि 11 अप्रैल को समाप्त होगी। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की सच्चे मन से आराधना की जाए तो सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा की साधना विशेष रूप से फलदायी होती है। इन दिनों माता रानी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। वहीं अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने वाले भक्तों के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। साथ ही किसी भी तरह की बीमारी से मुक्ति मिलती है और परिवार के सभी लोग निरोग जीवन व्यतीत हैं। इसके अलावा मां महागौरी की पूजा में आरती और मंत्र का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मां महागौरी की आरती सुनने या पढ़ने से समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। तो चलिए आज जानते हैं मां महागौरी की आरती और मंत्र....
Chaitra Navratri 2022: मां महागौरी की इस आरती और मंत्र से दूर होंगे सारे दुख-दर्द, बनी रहेगी माता रानी की कृपा
ध्यान
वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥
पूर्णन्दु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्।
वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर, हार, केयूर किंकिणी रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वंदना पल्ल्वाधरां कातं कपोलां त्रैलोक्य मोहनम्।
कमनीया लावण्यां मृणांल चंदनगंधलिप्ताम्॥
स्तोत्र पाठ
सर्वसंकट हंत्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदीयनीम्।
डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
त्रैलोक्यमंगल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
वददं चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥
महागौरी की आरती
जय महागौरी जगत की माया ।
जय उमा भवानी जय महामाया ॥
हरिद्वार कनखल के पासा ।
महागौरी तेरा वहा निवास ॥
चंदेर्काली और ममता अम्बे
जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे ॥
भीमा देवी विमला माता
कोशकी देवी जग विखियाता ॥