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Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि के तृतीय के दिन ऐसे करें देवी चंद्रघंटा की आराधना, जानें पूजा विधि, मंत्र, आरती और सब कुछ

Mon, 04 Apr 2022 07:30 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 04 Apr 2022 07:30 AM IST
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Chaitra Navratri 2022 3rd Day Maa Chandraghanta Puja Vidhi Mantra Arti And Vrat Katha
नवरात्रि के तीसरे दिन मां भगवती की तृतीय शक्ति मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। - फोटो : अमर उजाला

Chaitra Navratri 2022: नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग नौं स्वरुपों की पूजा करने का विधान है। इस समय चैत्र नवरात्रि आरंभ हो गए हैं। नवरात्रि के तीसरे दिन मां भगवती की तृतीय शक्ति मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है।  नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन मां चंद्रघंटा के विग्रह की पूजा-आराधना की जाती है। देवी मां की ये शक्ति यानि मां चंद्रघंटा शत्रुहंता के रूप में विख्यात हैं। ऐसे में 4 अप्रैल 2022, सोमवार के दिन चैत्र नवरात्र तृतीया है। माना जाता है कि देवी चन्द्रघंटा की पूजा और भक्ति करने से आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। नवरात्रि के तीसरे दिन जो भी माता के तीसरे रूप मां चन्द्रघण्टा की पूजा अर्चना करता है, उन सभी को माता की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं मां चंद्रघंटा से जुड़ी कथा, पूजा विधि, महत्व , मंत्र और आरती के बारे में- 

Chaitra Navratri 2022 3rd Day Maa Chandraghanta Puja Vidhi Mantra Arti And Vrat Katha
देवी मां के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।

इसलिए पड़ा मां चंद्रघंटा नाम 
देवी मां के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनके शरीर का रंग सोने के समान होने के साथ ही इनके दस हाथ हैं। इन हाथों में खड्ग, अस्त्र-शस्त्र और कमंडल विद्यमान हैं।

Chaitra Navratri 2022 3rd Day Maa Chandraghanta Puja Vidhi Mantra Arti And Vrat Katha
मां चंद्रघंटा के दस भुजाएं हैं और दसों हाथों में खड्ग, बाण सुशोभित हैं। - फोटो : अमर उजाला

मां चंद्रघंटा का स्वरूप  
मां का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। मां चंद्रघंटा के दस भुजाएं हैं और दसों हाथों में खड्ग, बाण सुशोभित हैं। इन्हें शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। माता चन्द्रघंटा देवी का शरीर शरीर सोने की तरह चमकता हुआ प्रतीत होता है। ऐसी मान्यता है कि माता के घंटे की तेज व भयानक ध्वनि से दानव, और अत्याचारी राक्षस सभी बहुत डरते है । देवी चंद्रघंटा अपने भक्तों को अलौकिक सुख देने वाली है। माता चंद्रघंटा का वाहन सिंह है। यह हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहने वाली मुद्रा में होती है। मां चंद्रघंटा के गले में सफेद फूलों की माला रहती है।

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Chaitra Navratri 2022 3rd Day Maa Chandraghanta Puja Vidhi Mantra Arti And Vrat Katha
मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजों का भोग लगाएं। - फोटो : iStock

देवी मां को लगाएं इसका भोग
मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजों का भोग लगाएं और और इसी का दान भी करें। ऐसा करने से मां प्रसन्न होती हैं और सभी दुखों का नाश करती हैं। भोग के रूप में यदि मां चंद्रघंटा को मखाने की खीर का भोग लगाया जाए तो यह उत्तम रहेगा। 

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Chaitra Navratri 2022 3rd Day Maa Chandraghanta Puja Vidhi Mantra Arti And Vrat Katha
माता रानी को अक्षत, सिंदूर, पुष्प आदि चीजें अर्पित करें। - फोटो : self
मां चंद्रघंटा की पूजा विधि
  • सर्वप्रथम ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नानादि करने के पश्चात पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़कें।
  • अब मां चंद्रघंटा का ध्यान करें और उनके समक्ष दीपक प्रज्वलित करें।
  • अब माता रानी को अक्षत, सिंदूर, पुष्प आदि चीजें अर्पित करें।
  • इसके बाद मां को प्रसाद के रूप में फल और मखाने की खीर अर्पित करें।
  • अब मां चंद्रघंटा की आरती करें।
  • पूजा के पश्चात क्षमा याचना करें।
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