Masik Shivratri 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। शिव भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यता है कि प्रत्येक माह की शिवरात्रि पर व्रत रखने और विधि पूर्वक पूजन करने से भगवान शिव अपने भक्तों के जीवन में खुशियां भर देते हैं। साथ ही सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन व्रत करने से भक्तों के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है। शिव भक्तों के लिए मासिक शिवरात्रि का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन व्रत और पूजन करने से भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी विशेष कृपा होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं मासिक शिवरात्रि की तिथि, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त...
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भाद्रपद में कब है मासिक शिवरात्रि? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
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भाद्रपद शिवरात्रि 2022 तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 25 अगस्त को सुबह 10 बजकर 37 मिनट पर हो रही है। वहीं ये तिथि 26 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर समाप्त जाएगी। 25 अगस्त की रात में शिवरात्रि की पूजा का शुभ समय है, इसलिए भाद्रपद शिवरात्रि व्रत 25 अगस्त को ही रखा जाएगा।
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मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन सर्वप्रथम सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहने और घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। यदि घर में शिवलिंग है तो शिवलिंग का गंगा जल, दूध, आदि से अभिषेक करें।
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पूजा के दौरान शिव जी को बेल पत्र चढ़ाएं। इस दिन भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की पूजा अर्चना भी करें। भगवान भोलेशंकर और मां पार्वती को भोग लगाएं। पूजा के दौरान ''ऊॅं नम: शिवाय'' मंत्र का जप करें। इसके बाद भगवान शिव की आरती करें।
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मासिक शिवरात्रि व्रत और पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शिव मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का पूरे दिन जाप करने से व्यक्ति की सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। जो भक्त इस दिन उपवास करता है, उसे मोक्ष, मुक्ति की प्राप्ति होती है और वह स्वस्थ और समृद्ध जीवन व्यतीत करता है।