हर वर्ष कार्तिक मास की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है। इस वर्ष अहोई अष्टमी का व्रत 8 नवंबर को किया जाएगा। करवा चौथ की तरह अहोई अष्टमी का व्रत भी महिलाएं निर्जला रहकर ही करती हैं। इसे अहोई अष्टमी या अहोई माता का व्रत कहा जाता है। यह व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और उन्हें हर तरह की विपत्ति से बचाने के लिए करती हैं, लेकिन विशेषतौर पर यह व्रत पुत्रों के लिए किया जाता है। कुछ निसंतान महिलाएं पुत्र प्राप्ति के लिए भी अहोई माता का व्रत करती हैं। अहोई अष्टमी के दिन महिलाएं अहोई माला धारण करती हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माला क्यों धारण की जाती है और इसका महत्व क्या है। नहीं पता है तो कोई बात नहीं चलिए जानते हैं।
Ahoi Ashtami 2020: क्यों महिलाएं धारण करती हैं अपने गले में स्याहु माता की माला, जानिए महत्व
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Wed, 04 Nov 2020 04:25 PM IST
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