फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Adhik Mass Purnima 2020: अधिक मास पूर्णिमा पर इस व्रत को रखने से जीवन में आती है सुख-समृद्धि

Mon, 28 Sep 2020 06:58 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Mon, 28 Sep 2020 06:58 AM IST
विज्ञापन
Adhik Mass Purnima 2020 Laxmi Narayan vrat vidhi and significance
Adhik Mass Purnima 2020 - फोटो : सोशल मीडिया

Adhik Mass Purnima 2020 Date: पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा 1 अक्टूबर को है। धार्मिक रूप से यह पूर्णिमा तिथि बेहद ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन लक्ष्मीनारायण व्रत किया जाता है। मान्यता के अनुसार यह व्रत सांसारिक इच्छा पूर्ति के लिए रखा जाता है। इस व्रत को रखने से जीवन में धन संपत्ति, सुख समृद्धि आदि का आगमन होता है। इस व्रत को स्त्री-पुरुष कोई भी रख सकता है।

Adhik Mass Purnima 2020 Laxmi Narayan vrat vidhi and significance
अधिक मास पूर्णिमा 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
अधिक मास की पूर्णिमा बन रहा है ये योग
इस बार अधिकमास की पूर्णिमा के दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। हिन्दू पंचांग की गणना के अनुसार, 1 अक्टूबर को पूर्णिमा तिथि अर्धरात्रि के बाद तक रहेगी। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में वृद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग के साथ गुरुवार के दिन का संयोग बेहद प्रभावशाली है।
Adhik Mass Purnima 2020 Laxmi Narayan vrat vidhi and significance
लक्ष्मीनारायण पूजा का मुहूर्त - फोटो : सोशल मीडिया
लक्ष्मीनारायण पूजा का मुहूर्त

पूजन मुहूर्त लक्ष्मीनारायण व्रत का पूजन अभिजित मुहूर्त में करना सबसे शुभ होगा। यह मुहूर्त 1 अक्टूबर को प्रातः 11.52 से 12.40 बजे तक रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Adhik Mass Purnima 2020 Laxmi Narayan vrat vidhi and significance
लक्ष्मी नारायण व्रत विधि - फोटो : Social media
व्रत विधि
प्रातःकाल सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें। पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। पूजा के लिए एक चौकी पर आधा लाल और आधा पीला कपड़े का आसन बिछाएं। इसके बाद लाल कपड़े पर मां लक्ष्मी और पीले कपड़े पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। अब कुमकुम, हल्दी, अक्षत, रौली, चंदन, अष्टगंध से पूजन करें। 
 

सुगंधित पीले और लाल पुष्पों से बनी माला पहनाएं। मां लक्ष्मी को कमल का पुष्प अर्पित करें। सुहाग की समस्त सामग्री भेंट करें। मखाने की खीर और शुद्ध घी से बने मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाएं। लक्ष्मीनारायण व्रत की कथा सुनें। इस पूरे दिन व्रत रखें। 

विज्ञापन
Adhik Mass Purnima 2020 Laxmi Narayan vrat vidhi and significance
लक्ष्मीनारायण व्रत के लाभ - फोटो : Social Media
व्रत के लाभ
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं और इस महीने उनकी आराधना करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अधिकमास की पूर्णिमा का व्रत जीवन में समस्त प्रकार के सुख और सौभाग्य में वृद्धि करता है। यह व्रत यदि धन प्राप्ति की कामना से किया जाए तो यह अवश्य ही पूरा होता है। जबकि अविवाहित कन्या या युवक व्रत करें तो उन्हें योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed