हिंदू विवाह संस्कृति में सात फेरे का विशेष महत्व होता है। ये सात फेरे सिर्फ एक रस्म नहीं बल्कि पति-पत्नी के बीच 7 जन्मों का साथ का एक पवित्र बंधन होता है। इन सात फेरों के दौरान दोनों एक-दूसरे को सात वचन देते हैं जो जीवन भर निभाने का वादा होते हैं। एक बार किसी के साथ 7 फेरे ले लिया तो उस रिश्ते को सात जन्मों तक निभाने का वादा करते हैं। विवाह हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से एक होता है। शादी होते समय पंडित जी कई सारी मंत्र पढ़ते हैं। इन्ही मंत्रों के उच्चारण के साथ ही लड़का और लड़की अग्नि को साक्षी मानकर 7 फेरे लेते हैं और एक दूसरे को 7 वचन देते हैं, जिनका दांपत्य जिवन में काफी महत्व होता है। इसी रश्म के दौरान इन 7 फेरों को करते समय पंडित जी 7 वचनों को संस्कृत भाषा में बोलते हैं। पंडित जी द्वारा बोले गए हर एक वचन का एक खास मतलब होता है। आइए इस लेख में विवाह के दौरान लिए जाने वाले 7 फेरों का मतलब और महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Saptpadi Vachan: शादी में 7 फेरों के समय लिए जाते हैं ये 7 वचन, जानिए हर मंत्र और वचन का अर्थ
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Sat, 27 Jul 2024 06:33 AM IST
सार
Saptpadi Vachan: शादी में 7 फेरों को करते समय पंडित जी 7 वचनों को संस्कृत भाषा में बोलते हैं। पंडित जी द्वारा बोले गए हर एक वचन का एक खास मतलब होता है। आइए इस लेख में विवाह के दौरान लिए जाने वाले 7 फेरों का मतलब और महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन