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इन 5 शापित लोगों की नहीं पूरी होती संतान की चाह
Sun, 17 Feb 2019 01:24 PM IST
Madhukar Mishra
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Madhukar Mishra
Updated Sun, 17 Feb 2019 01:24 PM IST
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shaap
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शाप या श्राप का अर्थ है बद्दुआ। प्राचीनकाल में ऋषि मुनि जब नाराज होते तो शाप दे देते थे। जो तत्काल ही फलीभूत हो जाता था। इसके बाद जब व्यक्ति को अपनी गलती का अहसास होता तो वह उस शाप से मुक्ति के लिए उस ऋषि या किसी अन्य देवता की शरण में जाकर उसका समाधान भी खोजता था। शाप और आशीर्वाद का पहले भी और आज भी असर होता है। इस शाप का असर होता है कि कुछ लोग जहां एक स्वस्थ सुंदर संतान के लिए तरस जाते हैं तो वहीं कुछ संतान होते हुए भी उसका सुख नहीं प्राप्त कर पाते हैं।
Miracle Baby
- फोटो : The Sun
यदि आपके विवाह के तमाम साल बीत जाने के बाद भी आकप एक स्वस्थ, सुंदर संतान का सपना नहीं पूरा हो पाया है तो आप को अपने इस या पूर्व जन्म में किए गए गलती के कारण लगे हुए शाप का निदान अवश्य करना चाहिए। धार्मिक और ज्योतिष ग्रंथों में कुछ योगों और शापों की चर्चा की गई, जिनके कारण तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं पूरा हो पाता कुलदीपक का सपना। आइए जाने वो पांच शाप और उनसे मुक्ति के सनातनी उपाय —
Baby holding hands
मातृशाप से संतान क्षय -
पूर्व जन्म में या इस जन्म में आप मातृशाप से ग्रसित हैं तो निश्चित तौर पर आपको संतान से जुड़े कष्ट को भोगना ही पड़ेगा। शाप से मुक्ति के लिए पति व्यक्ति को रामेश्वरम् तीर्थ में जाकर स्नान करना चाहिए। साथ ही अपनी क्षमता के अनुसार दूध से भरा चांदी का पात्र दान करना चाहिए। भक्ति-भाव से इस उपाय को करने से जातक को मातृशाप से मुक्ति मिल जाती है और स्वस्थ, सुंदर और चरित्रवान पुत्र की प्राप्ति का सपना साकार होता है।
पूर्व जन्म में या इस जन्म में आप मातृशाप से ग्रसित हैं तो निश्चित तौर पर आपको संतान से जुड़े कष्ट को भोगना ही पड़ेगा। शाप से मुक्ति के लिए पति व्यक्ति को रामेश्वरम् तीर्थ में जाकर स्नान करना चाहिए। साथ ही अपनी क्षमता के अनुसार दूध से भरा चांदी का पात्र दान करना चाहिए। भक्ति-भाव से इस उपाय को करने से जातक को मातृशाप से मुक्ति मिल जाती है और स्वस्थ, सुंदर और चरित्रवान पुत्र की प्राप्ति का सपना साकार होता है।
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डेमो
- फोटो : डेमो
भातृशाप से संतान क्षय –
पूर्व या इस जन्म में भाई से मिला श्राप आपको संतान सुख से वंचित कर सकता है। इस शाप से मुक्ति के लिए पूरे भक्ति भाव से भगवान विष्णु की पूजा करें। श्री लक्ष्मी-नारायण की कथा का श्रवण करें। यमुना या कृष्णा नदी में विशेष रूप से स्नान करें। साथ ही पीपल का वृक्ष लगाएं और उसके बड़े होने तक निरंतर उसकी सेवा करें। श्रद्धापूर्वक ऐसा करने से निश्चित रूप से आपको भातृशाप से मुक्ति मिलेगी और कुलदीपक का सपना साकार होगा।
पूर्व या इस जन्म में भाई से मिला श्राप आपको संतान सुख से वंचित कर सकता है। इस शाप से मुक्ति के लिए पूरे भक्ति भाव से भगवान विष्णु की पूजा करें। श्री लक्ष्मी-नारायण की कथा का श्रवण करें। यमुना या कृष्णा नदी में विशेष रूप से स्नान करें। साथ ही पीपल का वृक्ष लगाएं और उसके बड़े होने तक निरंतर उसकी सेवा करें। श्रद्धापूर्वक ऐसा करने से निश्चित रूप से आपको भातृशाप से मुक्ति मिलेगी और कुलदीपक का सपना साकार होगा।
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BAby
ब्राह्मण शाप से संतान हीनता –
यदि आपने पूर्वजन्म या फिर इस जन्म में किसी ब्राह्मण शाप से पीड़ित हैं तो आपको इस शाप से मुक्ति के लिए चांद्रायण व्रत करना चाहिए। साथ ही यदि संभव हो तो किसी योग्य ब्राह्मण को गाय का दान करना चाहिए। इस श्राप की मुक्ति से निश्चित रूप से जातक को सुयोग्य पुत्र की प्राप्ति होती है।
यदि आपने पूर्वजन्म या फिर इस जन्म में किसी ब्राह्मण शाप से पीड़ित हैं तो आपको इस शाप से मुक्ति के लिए चांद्रायण व्रत करना चाहिए। साथ ही यदि संभव हो तो किसी योग्य ब्राह्मण को गाय का दान करना चाहिए। इस श्राप की मुक्ति से निश्चित रूप से जातक को सुयोग्य पुत्र की प्राप्ति होती है।