पुराणों के अनुसार, फाल्गुन की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को प्रदोषकाल में हो दहन किया जाता है। लेकिन भद्राकाल,प्रतिपदा, चतुर्दशी के समय होली दहन नहीं करना चाहिए। पूर्णिमा पर भद्रा रहित प्रदोषकाल में होली दहन को अच्छा माना जाता है। होलिका दहन की रात को तंत्र साधना के लिए बढि़या माना जाता है। जिस कारण से इस दिन आपको भूलकर भी ये 5 काम नहीं करना चाहिए।
Holi 2018: होलिका दहन के दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना पड़ेगा पछताना
धर्म डेस्क,अमर उजाला
Updated Fri, 23 Feb 2018 09:32 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन