फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Vat Savitri Vrat: वट सावित्री में क्यों पूजा जाता है बरगद का पेड़? जानें पूजा का महत्व और शुभ मुहूर्त

Wed, 17 May 2023 09:15 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 17 May 2023 09:15 PM IST
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual Know Puja Importance and Shubh Muhurat
Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual - फोटो : amar ujala

Vat Savitri Vrat Imprtance: वट सावित्री पूजा 2023 19 मई, शुक्रवार को ज्येष्ठ अमावस्या के दौरान मनाई जा रही है। यह पर्व शुक्ल और कृष्ण  दोनों ही पक्ष में  मनाया जाता है। कुछ लोग कृष्ण पक्ष  को वट सावित्री पूजा मनाते हैं  और कुछ शुक्ल पक्ष में पूजा मनाने में विश्वास करते हैं, और व्रत सावित्री पूर्णिमा व्रत के रूप में जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि व्रत का पालन करने से महिलाएं अपने पति के लिए सौभाग्य और समृद्धि लाने में सक्षम होती हैं। वट सावित्री पूजा विवाहित महिलाओं द्वारा की जाती है। इसमें महिलाएं वट यानी बरगद की पूजा करती हैं। यह त्योहार ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाया जाता है। वट सावित्री व्रत में बरगद के पेड़ का महत्व अतुलनीय है। आइये जानते हैं बरगद के पेड़ के महत्व के बारे में।

Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual Know Puja Importance and Shubh Muhurat
Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual - फोटो : amar ujala

बरगद के पेड़ का महत्व
बरगद के पेड़ की पूजा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है।  धार्मिक मान्यताओं के  अनुसार, बरगद के पेड़ में हिंदू पौराणिक कथाओं के त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश विद्यमान हैं।पेड़ की जड़ें ब्रह्मा का प्रतिनिधित्व करती हैं, वट वृक्ष का तना विष्णु का प्रतिनिधित्व करता है और भगवान शिव बरगद के पेड़ के ऊपरी हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और पूरा पेड़ सावित्री माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस पवित्र पेड़ के नीचे पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पौराणिक मान्मायता के अनुसार जिस तरह सावित्री ने अपने समर्पण से अपने पति सत्यवान को यमराज से वापस लायीं थीं , उसी तरह इस शुभ व्रत को रखने वाली विवाहित महिलाओं को एक सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual Know Puja Importance and Shubh Muhurat
Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual - फोटो : amar ujala

कैसे होती है पूजा 
इस  दिन सुबह जल्दी स्नान करने के बाद, विवाहित महिलाएं दुल्हन के रूप में तैयार होती हैं, अपने माथे पर सिंदूर लगाती हैं।इसके बाद वट वृक्ष या बरगद के पेड़ को चावल और फूल अर्पित करती हैं । इसके बाद पेड़ के तने के चारों ओर पीले या लाल रंग के धागे बांधते हैं, उस पर सिंदूर या सिंदूर छिड़कते हैं और प्रार्थना करते हुए पेड़ की परिक्रमा करती हैं।  देवी सावित्री की भी पूजा की जाती है। इसके बाद महिलाएं भोग लगाकर अपने व्रत का पार्न करती हैं । 

विज्ञापन
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual Know Puja Importance and Shubh Muhurat
Vat Savitri Vrat 2023 Banyan Tree Worship Ritual - फोटो : mahesh kumar

वट सावित्री तिथि
अमावस्या तिथि प्रारम्भ - 18 मई 2023 को रात्रि 09:42 बजे अमावस्या तिथि समाप्त- 19 मई 2023 को रात्रि 09 बजकर 22 मिनट पर

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed