Shattila Ekadashi 2026: हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी का पावन व्रत रखा जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन तिल का दान, तिल से स्नान, तिल का सेवन, तिल का उबटन, तिल से हवन और जल में तिल का प्रयोग करने से व्यक्ति के दुखों का अंत होता है। यही नहीं उसके जीवन में भी कई सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि, इस तिथि पर कुछ खास चीजों का दान करने से न केवल श्रीहरि बल्कि माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं और साधक पर अपनी विशेष कृपा बरसाती हैं। ऐसे में आइए इसके बारे में जानते हैं।
Shattila Ekadashi 2026: साल की पहली एकादशी पर अवश्य करें इन चीजों का दान, पूरे होंगे सभी अटके काम
Shattila Ekadashi 2026: 14 जनवरी को षटतिला एकादशी व्रत रखा जाएगा। इस दिन कुछ चीजों का दान करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि, खुशियां व सकारात्कता आती हैं। साथ ही विष्णु जी भी प्रसन्न होते हैं।
- माघ माह की कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी 13 जनवरी 2026 को दोपहर 3:16 बजे शुरू होगी।
- 14 जनवरी 2026 को शाम 5:53 बजे समाप्त होगी।
- उदया तिथि के अनुसार, 14 जनवरी को षटतिला एकादशी व्रत मान्य होगा।
- इस दिन विशेष योग जैसे सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं।
- व्रत का पारण 15 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 21 मिनट तक कर सकते हैं।
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षटतिला एकादशी पर करें इन चीजों का दान
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, षटतिला एकादशी के दिन गुड़ का दान करना लाभकारी होता है। यह बेहद शुभ होता है। इसके प्रभाव से आत्मविश्वास में वृद्धि और रिश्तों में मिठास आती हैं। इसके अलावा आप षटतिला एकादशी के दिन तिल का दान भी कर सकते हैं। यह दोषों से राहत प्रदान करता है।
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माता लक्ष्मी की कृपा के लिए
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।
भगवान विष्णु गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात:
भगवान विष्णु का स्तुति मंत्र
शांताकारं भुजगशयनं, पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगनसदृशं, मेघवर्णं शुभाङ्गम्।लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं, योगिभिर्ध्यानगम्यम्, वन्दे विष्णुं भवभयहरं, सर्वलोकैकनाथम्।।
भगवान विष्णु का शक्तिशाली मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
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