Sharad Purnima 2022: आज शरद पूर्णिमा है और सभी पूर्णिमा में शरद पूर्णिमा का विशेष स्थान होता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कोजोगार पूर्णिमा, रास पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा कहा जाता है। शरद पूर्णिमा की रात्रि पर चन्द्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है एंव वह अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण रहता है। इस रात्रि में चन्द्रमा का ओज सबसे तेजवान और ऊर्जावान होता है। चन्द्रमा की पूर्ण आभा अधिक अनुराग उत्पन्न करते हुए जड़ता में भी चेतनता का भाव उत्पन्न कर देती है। शरद पूर्णिमा को की गई पूजा-अर्चना व्यक्ति के नीरस सूखे जीवन में भी प्रेम अनुराग का रस घोल देती है।
Sharad Purnima 2022: शरद पूर्णिमा की रात के पांच उपाय, होगी धन की वर्षा और सेहत भी रहेगी दुरुस्त
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नारद पुराण के अनुसार शरद पूर्णिमा की धवल चाँदनी में माँ लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर अपने कर-कमलों में वर और अभय लिए निशीथ काल में पृथ्वी पर भ्रमण करती है। जो इस रात में जागकर माँ लक्ष्मी की उपासना करते है माँ लक्ष्मी की उन पर असीम कृपा होती है, ज्योतिषीय मतानुसार जो इस रात लक्ष्मी जी की षोडशोपचार विधि से पूजा करके श्री सूक्त का पाठ, कनकधारा स्त्रोत, विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करते है उनकी कुण्डली में धनयोग नही भी होने पर माता उन्हें धन-धान्य से संपन्न कर देती हैं।
विवाह के इच्छुक युवाओं को इस दिन रात्रि में भगवान रजनीश यानि चन्द्रमा की भी पूजा अर्चना करनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार माता लक्ष्मी का जन्म शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था इसीलिए देश के कई हिस्सों में शरद पूर्णिमा को लक्ष्मीजी का पूजन किया जाता है, कुआंरी कन्याएँ इस दिन सुबह सूर्य और चन्द्र देव की पूजा अर्चना करें तो उन्हें मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।
उत्तम स्वास्थ्य के लिए-
इस रात चन्द्रमा की किरणों से अमृत तत्व बरसता है। शरद पूर्णिमा की शीतल चाँदनी में खीर रखने का विधान है, खीर में मिश्रित दूध, चीनी और चावल के कारक भी चन्द्रमा ही है, अतः इनमें चन्द्रमा का प्रभाव सर्वाधिक रहता है। 3-4 घंटे तक खीर पर जब चन्द्रमा की किरणें पड़ती है तो यही खीर अमृत तुल्य हो जाती है, जिसको प्रसाद रूप में ग्रहण करने से व्यक्ति वर्ष भर निरोग रहता है। उसका शरीर पुष्ट और कांतिवान हो जाता है। प्राकृतिक चिकित्सालयों में तो इस खीर का सेवन कुछ औषधियां मिलाकर दमा के रोगियों को भी कराया जाता है। यह खीर पित्तशामक, शीतल, सात्विक होने के साथ वर्ष भर प्रसन्नता और आरोग्यता में सहायक सिद्ध होती है।
Sharad Purnima 2022: आज शरद पूर्णिमा की रात बरसेगा अमृत,चंद्रदेव और मां लक्ष्मी की उपासना से मिलेगा धन-धान्य
शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा की तरफ एकटक निहारने से या सुई में धागा पिरोने से नेत्र ज्योति बढ़ती है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक घंटे तक शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में बैठकर चन्द्रमा को देखना चाहिए।