Shani Jayanti Puja Vidhi : सनातन धर्म में शनि जयंती का विशेष महत्व है। यह दिन न्याय, कर्मफल और दंड के अधिपति भगवान शनिदेव के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव का जन्म सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र रूप में हुआ था। वे नवग्रहों में प्रमुख माने जाते हैं और मानव जीवन में अच्छे-बुरे कर्मों का फल देने वाले देवता हैं।
Shani Jayanti 2025: शनि जयंती आज, शनि देव की कृपा पाने के लिए आज इस विधि से करें पूजा, मंत्र, भोग और दान
Shani Jayanti Mantra: आज यानी 27 मई शनि जयंती न्याय के देवता शनिदेव के जन्मोत्सव का पावन दिन है, जिसे ज्येष्ठ अमावस्या को श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन विशेष पूजा, मंत्र जाप और दान से शनि दोष और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
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शनि जयंती पूजा मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 से 12:46 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:36 से 3:31 तक
- अमृत काल: दोपहर 12:00 बजे से पूरे दिन
इन समयों में पूजा करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना गया है।
पूजा विधि
- सुबह सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शनि की पूजा का संकल्प लें।
- किसी शनि मंदिर जाएं या घर पर शनिदेव की प्रतिमा या चित्र के सामने पूजा करें।
- शनिदेव के चरणों का दर्शन करें और उन्हें सरसों का तेल चढ़ाएँ।
- काले तिल और नीले रंग के फूल अर्पित करें।
- दीप जलाकर शनि आरती करें और उनके मंत्रों का जाप करें।
शनि मंत्रों का जाप करे
शनि जयंती पर इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करना विशेष लाभ देता है।
ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः
ऊँ शन्नो देवीरभिष्टडआपो भवन्तुपीतये।
ऊँ शं शनैश्चाराय नमः
ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्।
नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।
भोग क्या अर्पित करें?
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए गुड़ और चना, काली दाल की खिचड़ी, मालपुए, तेल में बने हुए पकवान अर्पित करें।