Mangla Gauri Vrat 2023: सावन सोमवार की ही तरह इस माह के मंगलवार भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सावन में प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है। इस दिन मां पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मंगला गौरी का व्रत अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखा जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं और मां मंगला गौरी की पूजा करती हैं। सावन माह के दो मंगला गौरी व्रत बीत चुके हैं। आज यानी 18 जुलाई को तीसरा मंगला गौरी व्रत है। ऐसे में इस दिन आपको विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए। चलिए जानते हैं मंगला गौरी व्रत और पूजा विधि के बारे में...
Mangla Gauri Vrat 2023: तीसरा मंगला गौरी व्रत आज, इस विधि से करें मां पार्वती की आराधना, पूरी होगी हर मनोकामना
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मंगला गौरी व्रत विधि
तीसरे मंगला गौरी व्रत वाले दिन प्रातः काल उठ कर स्नानादि करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर एक साफ लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर उसपर मां पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद व्रत का संकल्प करें और आटे से बना हुआ दीपक प्रज्वलित करें। धूप, नैवेद्य फल-फूल आदि से मां गौरी की पूजा करें।
इस दिन आप पूजा में जो भी सामग्री जैसे- सुहाग का सामान, फल, फूल, माला, मिठाई आदि जितनी भी चीजें अर्पित कर रही हैं, उनकी संख्या 16 होनी चाहिए। वहीं पूजा समाप्त होने के बाद मां गौरी की आरती करें और उनसे अखंड सौभाग्य के लिए प्रार्थना करें।
मंगला गौरी व्रत का महत्व
सुहागिन महिलाओं के लिए मंगला गौरी व्रत का महत्व बहुत ज्यादा होता है। यह व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। कहा जाता है कि मंगला गौरी व्रत में विधि पूर्वक मां गौरी की पूजा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहती हैं।
वहीं यदि आप संतान प्राप्ति की कामना रखती हैं, तो आपके लिए यह व्रत आपके ले बहुत शुभ फलदायी होगा। इसके अलावा यदि किसी के दांपत्य जीवन में समस्याएं बनी हुई हैं, तो उन्हें मंगला गौरी व्रत करना चाहिए। ऐसा करने से दांपत्य जीवन का कलह-कष्ट व अन्य सभी समस्याएं दूर होती हैं।