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Sawan 2020: शनि देव को ही नहीं बल्कि शिव जी को भी चढ़ाए जाते हैं शमी के पत्ते

Thu, 09 Jul 2020 02:19 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Thu, 09 Jul 2020 02:19 PM IST
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sawan spacial 2020 Shami leaves are offered in the worship of Shiva
शमी के पत्ते

सावन के माह में भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बहुत सारी अलग-अलग चीजे अर्पित करते हैं। शिवपुराण में भी शिव जी को फूल-पत्तियां चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है। ह तो सभी को पता है कि शिव जी को हरी भांग और बिल्व पत्र चढ़ाए जाते है जो भगवान भोलेनाथ को अत्यन्त प्रिय हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि शिव जी को बेलपत्र के अलावा शमी के पत्ते भी चढ़ाना चाहिए। वैसे तो शमी को शनिदेव का वृक्ष माना गया है लेकिन इसके पत्ते शिव जी और गणेश जी को भी चढ़ाए जा सकते हैं। जानते हैं क्या है शमी के वृक्ष का महत्व कैसे अर्पित किए जाते हैं शिव जी को शमी के पत्ते।

sawan spacial 2020 Shami leaves are offered in the worship of Shiva

शमी के पौधे की मान्यता
शमी के वृक्ष को पूजनीय माना गया हैं कहा जाता है कि जब भगवान श्री राम लंका से विजय प्राप्त करके आए थे तो उन्होंने भी शमी के वृक्ष का पूजन किया था। मान्यता यह भी है कि महाभारत के समय में जब पांडवो को अज्ञातवास दिया गया थो तो उन्होंने अपने अस्त्र-शस्त्र शमी को पौधे में ही छिपाए थे। इसलिए इसका और भी अधिक महत्व माना गया है।

 

sawan spacial 2020 Shami leaves are offered in the worship of Shiva
shivling - फोटो : amar ujala

सावन में सुबह को शिव मंदिर में जाकर तांबे के पात्र में गंगाजल सफेद चंदन,चावल आदि मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करें। अभिषेक करते समय ऊं नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करें। जब अभिषेक कर लें, तब शिव जी को बिल्व पत्र, सफेद वस्त्र, जनेऊ, चावल, प्रसाद के साथ शमी के पत्ते भी अर्पित करें। शमी के पत्ते अर्पित करते समय मंत्र भी बोले।

 

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sawan spacial 2020 Shami leaves are offered in the worship of Shiva
shivling

शमी के पत्ते चढ़ाते समय इस मंत्र का उच्चारण करें।

अमंगलानां च शमनीं शमनीं दुष्कृतस्य च।
दु:स्वप्रनाशिनीं धन्यां प्रपद्येहं शमीं शुभाम्।।

शमी पत्र अर्पित करने के उपरांत शिवजी की धूप, दीप और कर्पूर से आरती करें। आरती करने के बाद प्रसाद ग्रहण करें।

 

 

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