Sawan Somwar 2021: सावन का पवित्र महीना चल रहा है। सावन के महीने में शिव आराधना करने पर इसका विशेष फल प्राप्त होता है क्योंकि यह माह भगवान भोलेनाथ को बहुत ही प्रिय होता है। सावन मास में पड़ने वाले सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। इस वर्ष सावन माह में चार सावन सोमवार पड़ रहा है। 09 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार है। भोलेनाथ अपने नाम के अनुरुप अत्यंत भोले हैं और सहज ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिवोपासना से जीवन की अनेकानेक कठिनाइयां दूर होती हैं। इस मास में महामृत्युंज्य मंत्र, रुद्राभिषेक,शिव पंचाक्षर स्तोत्र आदि के पाठ से लाभ मिलता है। शिवलिंग पर मात्र बिल्व पत्र चढ़ाने से ही भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, भांग, धतूरा, जल, कच्चा दूध, दही, बूरा, श्हद, दही, गंगाजल, सफेद वस्त्र, आक , कमल गट्टा, पान, सुपारी, पंचगव्य, पंचमेवा आदि भी चढ़ाए जा सकते हैं। शिवलिंग पर चंपा, केतकी, नागकेशर, केवड़ा या मालती के फूल न चढ़ाएं। अन्य कोई भी पुष्प जैसे हार सिंगार,सफेद आक आदि के अर्पित कर सकते हैं। बेलपत्र का चिकना भाग ही शिवलिंग पर रखना चाहिए तथा यह भी ध्यान रखें कि बेल पत्र खंडित न हों।
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Sawan Somwar 2021: सावन का तीसरा सोमवार, खरीदें इनमें से कोई भी एक चीज, होगा भाग्य उदय
Mon, 09 Aug 2021 07:09 AM IST
विनोद शुक्ला
मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिषविद्, चंडीगढ़
मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिषविद्, चंडीगढ़
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 09 Aug 2021 07:09 AM IST
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sawan 2021
- फोटो : अमर उजाला
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बिल्वपत्र से जुड़ी आवश्यक बातें
- फोटो : अमर उजाला
बिल्वपत्र कैसे चढ़ायें ?
1. बिल्वपत्र भोलेनाथ पर सदैव उल्टा रखकर अर्पित करें।
2. बिल्वपत्र में चक्र एवं वज्र नहीं होने चाहिए। कीड़ों द्वारा बनायें हुए सफेद चिन्हों को चक्र कहते है और डंठल के मोटे भाग को वज्र कहते हैं।
3. बिल्वपत्र कटे या फटे न हो। ये तीन से लेकर 11 दलों तक प्राप्त होते है। रूद्र के 11 अवतार हैं इसलिए 11 दलों वाले बिल्वपत्र चढ़ायें जाये तो महादेव ज्यादा प्रसन्न होंगे।
4. बिल्वपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों तक पाप नष्ट हो जाते है।
5. शिव के साथ पार्वती जी पूजा अवश्य करें तभी पूर्ण फल मिलेगा।
6. पूजन करते वक्त रूद्राक्ष की माला अवश्य धारण करें।
7. भस्म से तीन तिरछी लकीरों वाला तिलक लगायें।
8. शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ प्रसाद ग्रहण नहीं करना चाहिए।
9. शिवलिंग की आधी परिक्रमा ही करें।
10. शिव जी पर केंवड़ा व चम्पा के फूल कदापि न चढ़ायें।
1. बिल्वपत्र भोलेनाथ पर सदैव उल्टा रखकर अर्पित करें।
2. बिल्वपत्र में चक्र एवं वज्र नहीं होने चाहिए। कीड़ों द्वारा बनायें हुए सफेद चिन्हों को चक्र कहते है और डंठल के मोटे भाग को वज्र कहते हैं।
3. बिल्वपत्र कटे या फटे न हो। ये तीन से लेकर 11 दलों तक प्राप्त होते है। रूद्र के 11 अवतार हैं इसलिए 11 दलों वाले बिल्वपत्र चढ़ायें जाये तो महादेव ज्यादा प्रसन्न होंगे।
4. बिल्वपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों तक पाप नष्ट हो जाते है।
5. शिव के साथ पार्वती जी पूजा अवश्य करें तभी पूर्ण फल मिलेगा।
6. पूजन करते वक्त रूद्राक्ष की माला अवश्य धारण करें।
7. भस्म से तीन तिरछी लकीरों वाला तिलक लगायें।
8. शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ प्रसाद ग्रहण नहीं करना चाहिए।
9. शिवलिंग की आधी परिक्रमा ही करें।
10. शिव जी पर केंवड़ा व चम्पा के फूल कदापि न चढ़ायें।
Sawan Somwar 2021: व्रत और पूजन विधि
- सुबह-सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ कपड़े पहनें।
- पूजा स्थान की सफाई करें।
- आसपास कोई मंदिर है तो वहां जाकर भोलेनाथ के शिवलिंग पर जल व दूध अर्पित करें।
- भोलेनाथ के सामने आंख बंद शांति से बैठें और व्रत का संकल्प लें।
- दिन में दो बार सुबह और शाम को भगवान शंकर व मां पार्वती की अर्चना जरूर करें।
- भगवान शंकर के सामने तिल के तेल का दीया प्रज्वलित करें और फल व फूल अर्पित करें।
- ऊं नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान शंकर को सुपारी, पंच अमृत, नारियल व बेल की पत्तियां चढ़ाएं।
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sawan 2021 kashi vishwanath
सावन के सोमवार को खरीदें इनमें से कोई भी एक चीज, होगा भाग्य उदय
भस्म: पहले सोमवार को या किसी भी सावन के सोमवार को शिव मूर्ति के साथ यदि भस्म रखते हैं तो शिव कृपा मिलेगी।
रुद्राक्ष: ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी। इसलिए यदि आप इसे सावन के सोमवार को घर में लाते हैं और घर के मुखिया के कमरे में रखते हैं तो भगवान शिव ना केवल रुके हुए काम को पूरा करते हैं, बल्कि इससे आर्थिक लाभ भी होता है। इससे प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है।
भस्म: पहले सोमवार को या किसी भी सावन के सोमवार को शिव मूर्ति के साथ यदि भस्म रखते हैं तो शिव कृपा मिलेगी।
रुद्राक्ष: ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी। इसलिए यदि आप इसे सावन के सोमवार को घर में लाते हैं और घर के मुखिया के कमरे में रखते हैं तो भगवान शिव ना केवल रुके हुए काम को पूरा करते हैं, बल्कि इससे आर्थिक लाभ भी होता है। इससे प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है।
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बल्केश्वर महादेव
- फोटो : अमर उजाला
गंगा जल: भगवान शंकर ने गंगा मां को अपनी जटा में स्थान दिया था। इसलिए यदि आप सावन के सोमवार को गंगाजल लाकर घर की किचन में रखते हैं तो घर में सम्पन्नता बढ़ेगी और तरक्की मिलती है।
चांदी या तांबे का त्रिशूल: घर के हॉल में चांदी या तांबे का त्रिशूल स्थापित करके आप घर की सारी नेगेटिव एनर्जी खत्म कर सकते हैं। इस बार सावन में इसे जरूर लाएं।
चांदी या तांबे का नाग: नाग को भगवान शिव का अभिन्न अंग माना जाता है। घर के मेन गेट के नीचे नाग-नागिन के जोड़े को दबाने से रुके हुए काम पूरे होते हैं।
चांदी या तांबे का त्रिशूल: घर के हॉल में चांदी या तांबे का त्रिशूल स्थापित करके आप घर की सारी नेगेटिव एनर्जी खत्म कर सकते हैं। इस बार सावन में इसे जरूर लाएं।
चांदी या तांबे का नाग: नाग को भगवान शिव का अभिन्न अंग माना जाता है। घर के मेन गेट के नीचे नाग-नागिन के जोड़े को दबाने से रुके हुए काम पूरे होते हैं।