Ramadan 2021 Date: रमजान का पाक महीना 14 अप्रैल से शुरू होगा। यह महीना इस्लाम मजहब के मानने वालों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है। रमजान माह में रोजा रखना और नमाज पढ़ना मुस्लिम समुदाय के लिए जरूरी माना गया है। आइए जानते हैं रमजान 2021 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
Ramadan 2021 Date: इस दिन से शुरू होगा रमजान का पाक महीना, जानें सहरी और इफ्तार का समय
तारीख - सहरी का समय - इफ्तार का समय
14 अप्रैल - सुबह 4:35 बजे - शाम 6:47 बजे
15 अप्रैल - सुबह 4:34 बजे - शाम 6:48 बजे
16 अप्रैल - सुबह 4:33 बजे - शाम 6:48 बजे
17 अप्रैल - सुबह 4:31 बजे - शाम 6:49 बजे
18 अप्रैल - सुबह 4:30 बजे - शाम 6:49 बजे
19 अप्रैल - सुबह 4:29 बजे - शाम 6:50 बजे
20 अप्रैल - सुबह 4:28 बजे - शाम 6:50 बजे
21 अप्रैल - सुबह 4:26 बजे - शाम 6:51 बजे
22 अप्रैल - सुबह 4:25 बजे - शाम 6:52 बजे
23 अप्रैल - सुबह 4:24 बजे - शाम 6:52 बजे
24 अप्रैल - सुबह 4:23 बजे - शाम 6:53 बजे
25 अप्रैल - सुबह 4:22 बजे - शाम 6:53 बजे
26 अप्रैल - सुबह 4:21 बजे - शाम 6:54 बजे
27 अप्रैल - सुबह 4:19 बजे - शाम 6:55 बजे
28 अप्रैल - सुबह 4:18 बजे - शाम 6:55 बजे
29 अप्रैल - सुबह 4:17 बजे - शाम 6:56 बजे
30 अप्रैल - सुबह 4:16 बजे - शाम 6:56 बजे
01 मई - सुबह 4:15 बजे - शाम 6:57 बजे
02 मई - सुबह 4:14 बजे - शाम 6:58 बजे
03 मई - सुबह 4:13 बजे - शाम 6:58 बजे
04 मई - सुबह 4:12 बजे - शाम 6:59 बजे
05 मई - सुबह 4:11 बजे - शाम 6:59 बजे
06 मई - सुबह 4:10 बजे - शाम 7.00 बजे
07 मई - सुबह 4:09 बजे - शाम 7:01 बजे
08 मई - सुबह 4:08 बजे - शाम 7:01 बजे
09 मई - सुबह 4:07 बजे - शाम 7:02 बजे
10 मई - सुबह 4:06 बजे - शाम 7:02 बजे
11 मई - सुबह 4:05 बजे - शाम 7:03 बजे
12 मई - सुबह 4:04 बजे - शाम 7:04 बजे
13 मई - सुबह 4:03 बजे - शाम 7:04 बजे।
रमजान का पाक महीना
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान का यह महीना नौवां महीना माना जाता है। रमजान का पवित्र महीना चांद के दिखने के बाद आरंभ होगा। रमजान महीने में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा करीब एक महीने तक रोजा रखा जाता है। इस पूरे एक महीना में खुदा की इबादत की जाती है। रमजान के आखिरी दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है और एक दूसरों से गले मिलकर बधाईयां दी जाती हैं।
रमजान से जुड़ी प्रमुख परंपराएं
- सहरी- रमजान के दिनों में सुबह के समय में जब भोजन किया जाता है तो उसे सहरी कहते हैं। सहरी दिन में सूरज के निकलने से पहले किया जाता है। सेहरी करने को सुन्नत कहते है।
- इफ्तार - दिनभर रोजा रखने के बाद शाम के समय जब सूरज डूब जाता है तब रोजा खोला जाता है इसे इफ्तार कहा जाता है।
- रमजान के महीने में शब-ए-कद्र मनाई जाती है। इस दिन मुस्लिम समुदाय रात भर जागकर इबादत करते हैं। रमजान के पाक महीने मे पांचों वक्त की नमाज अदा की जाती
रमजान के महीने में तीन अशरे
- पहला अशरा - रमजान का पहला अशरा रहमत का होता है। इस महीने के पहले 10 दिन में रोजा रखने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। इस्लामिक धर्म के अनुसार इन दिनों में अधिक से अधिक दान करना चाहिए और जरूरतमंद, गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों में सभी के साथ प्यार से रहना चाहिए।
- दूसरा अशरा - रमजान का दूसरा अशरा माफी का होता है। दूसरा अशरा 11वें रोजे से 20वें रोजे तक चलता है। इस्लामिक धर्म के अनुसार इन दिनों में इबादत कर, अल्लाह से किए गए गुनाओं की माफी मांगी जाती है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार दूसरे अशरे के दौरान जो भी व्यक्ति अपने गुनाहों के लिए मांफी मांगता है, उसे अल्लाह माफ करते हैं।
- तीसरा अशरा - रमजान का तीसरा यानी अंतिम अशरा जहन्नम की आग से खुद को बचाने के लिए होता है। ये अशरा सबसे महत्वपूर्ण भी माना जाता है। 21वें रोजे से शुरू होकर 30वें रोजे तक ये अशरा चलता है। इस्लामिक धर्म के अनुसार तीसरे और अंतिम अशरे के दौरान अल्लाह से जहन्नम से बचने के लिए दुआ की जाती है।