Margashirsha Shivratri 2024: शिवरात्रि भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखकर और पूजा-अर्चना कर शिव की कृपा प्राप्त करते हैं। मासिक शिवरात्रि हर माह की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती हैं। मार्गशीर्ष शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से कालसर्प दोष, पितृ दोष और अन्य ज्योतिषीय दोषों का निवारण होता है। साथ ही भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन की गई पूजा और शिव मंत्रों का जाप, तंत्र और मंत्र साधना के लिए अत्यधिक प्रभावी होती है।
Margashirsha Shivratri 2024: कब है मार्गशीर्ष शिवरात्रि? शिव की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय
मार्गशीर्ष शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से कालसर्प दोष, पितृ दोष और अन्य ज्योतिषीय दोषों का निवारण होता है। साथ ही भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन की गई पूजा और शिव मंत्रों का जाप, तंत्र और मंत्र साधना के लिए अत्यधिक प्रभावी होती है।
मार्गशीर्ष शिवरात्रि के लाभ
मार्गशीर्ष शिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह दिन तंत्र और मंत्र की सिद्धि के लिए भी विशेष प्रभावी होता है। मार्गशीर्ष शिवरात्रि पर भगवान शिव की उपासना करने से कालसर्प दोष, पितृ दोष, और अन्य देशों से राहत मिलती है। साथ ही परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
राशि अनुसार शुभ शिव मंत्र
मेष- ओम नम: शिवाय
वृषभ- ओम नागेश्वराय नमः
मिथुन- ओम नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ओम नम:
कर्क- ओम चंद्रमौलेश्वर नम:
सिंह- ओम नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ओम नम:
कन्या- ओम नमो शिवाय कालं ओम नम:
तुला- ओम श्रीकंठाय नम:
वृश्चिक- ओम हौम ओम जूँ स:
धनु- ओम नमो शिवाय गुरु देवाय नम:
मकर- ओम हौम ओम जूँ स:
कुंभ- ओम हौम ओम जूँ स:
मीन- ओम नमो शिवाय गुरु देवाय नम:
शिव मंत्र जाप कैसे करें?
शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद स्नान आदि करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें और शिव जी की विधि विधान के साथ पूजा करें। इसके बाद कंबल, कुश आदि से बना एक आसन ग्रहण करें। इस दौरान ध्यान रखें कि आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा में हो। अब अपने मन को बिल्कुल स्थिर और शांत कर लें। इसके बाद भगवान शिव का मन में ध्यान करके रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप शुरू कर दें।
ध्यान रखें कि मंत्र जाप के समय में क्रोध और दुर्भावना जैसी चीजों मन में बिल्कुल न हों। आप इन मंत्रों का जाप 108 बार कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।