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Magh Gupt Navratri 2025: आज से शुरू माघ गुप्त नवरात्रि, जानें घटस्थापना मुहूर्त से लेकर पूजा सामग्री लिस्ट
Thu, 30 Jan 2025 11:15 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:15 AM IST
सार
गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इस बार इसका आरंभ 30 जनवरी 2025, गुरुवार से होगा और इसका समापन 7 फरवरी 2025, शुक्रवार को होगा।
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माघ गुप्त नवरात्रि 2025 तिथि
- फोटो : Amar Ujala
Magh Gupt Navratri 2025: सनातन धर्म में नवरात्रि को सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है, जो मां दुर्गा को समर्पित होते हैं। नवरात्रि साल में चार बार आती है, जिसमें से दो गुप्त और दो और प्रत्यक्ष नवरात्रि होती है। प्रत्यक्ष नवरात्रि में जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। किसी विशेष मनोरथ सिद्धि हेतु ये नवरात्र बहुत खास माने जाते हैं। कल से माघ मास की गुप्त नवरात्रि का आरम्भ हो रहा है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
- फोटो : adobe stock
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
पहला मुहूर्त- प्रातः 9:25 से 10:46 बजे तक
घटस्थापना के लिए कुल समय- 1 घंटे 21 मिनट
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:13 से 12:56 बजे तक
घटस्थापना के लिए कुल समय- 43 मिनट
इस दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र के साथ व्यतीपात योग भी बन रहा है, जो पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
पहला मुहूर्त- प्रातः 9:25 से 10:46 बजे तक
घटस्थापना के लिए कुल समय- 1 घंटे 21 मिनट
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:13 से 12:56 बजे तक
घटस्थापना के लिए कुल समय- 43 मिनट
इस दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र के साथ व्यतीपात योग भी बन रहा है, जो पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
Magh Gupt Navratri 2025
- फोटो : amar ujala
पूजा में आवश्यक सामग्री
मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र, सिंदूर, कुमकुम, चूड़ी, धूप, दीप, कपूर, नैवेद्य, नारियल, जौ, गंगाजल, पंचमेवा, सरसों का तेल, हवन सामग्री आदि।
मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र, सिंदूर, कुमकुम, चूड़ी, धूप, दीप, कपूर, नैवेद्य, नारियल, जौ, गंगाजल, पंचमेवा, सरसों का तेल, हवन सामग्री आदि।
Magh Gupt Navratri 2025: कब से शुरू हो रही है माघ गुप्त नवरात्रि? नोट कर लें तिथि और मुहूर्त
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पूजा विधि
- फोटो : freepik
पूजा विधि
- प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें लाल चुनरी अर्पित करें।
- सरसों के तेल का दीपक जलाकर "ॐ दुं दुर्गायै नमः" मंत्र का जाप करें।
- मां दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- नौ दिनों तक व्रत रखकर देवी की आराधना करें और अंतिम दिन कन्या पूजन करें।
- गुप्त नवरात्रि में विशेष रूप से मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, बगलामुखी, धूमावती, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है। इनकी साधना से विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
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गुप्त नवरात्रि में साधना का महत्व
- फोटो : Amar Ujala
गुप्त नवरात्रि में साधना का महत्व
गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की साधना गुप्त रूप से की जाती है, जिससे शक्ति और तंत्र विद्या की सिद्धि होती है। मान्यता है कि इन नवरात्रियों में की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में गई साधना जन्मकुंडली के समस्त दोषों को दूर करने वाली और धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष देने वाली होती। इन पवित्र नवरात्रों में जो साधक देवी शक्ति की उपासना किसी विशेष मनोरथ सिद्धि हेतु पवित्रता व श्रद्धा भाव से करते हैं तो उनके मनोरथ सिद्ध होते हैं।
गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की साधना गुप्त रूप से की जाती है, जिससे शक्ति और तंत्र विद्या की सिद्धि होती है। मान्यता है कि इन नवरात्रियों में की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में गई साधना जन्मकुंडली के समस्त दोषों को दूर करने वाली और धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष देने वाली होती। इन पवित्र नवरात्रों में जो साधक देवी शक्ति की उपासना किसी विशेष मनोरथ सिद्धि हेतु पवित्रता व श्रद्धा भाव से करते हैं तो उनके मनोरथ सिद्ध होते हैं।