हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इसी तरह से प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि का व्रत 11 मार्च 2021 दिन गुरूवार को किया जाएगा। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए यह दिन बहुत ही विशेष माना गया है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर मंदिरों में शिवभक्तों की लंबी कतारे लगती हैं। भक्त शिव जी की कृपा पाने के लिए व्रत और विधिवत् पूजन करते हैं। महाशिवरात्रि पर नियम और निष्ठा के साथ की गई पूजा आपके जीवन के कष्टों को दूर करती है। इसके साथ ही महाशिवरात्रि का पावन पर्व पर पूजा अनुष्ठान और मंत्र जाप करके रोगों और ग्रह दोषों से भी मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। तो चलिए जानते हैं शिव जी के विशेष मंत्र जिनके जाप से आप रोग-दोष से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।
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Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि पर इन मंत्रों का करें जाप, भगवान शिव की कृपा से मिलेगी रोग और ग्रह दोषों से मुक्ति
Wed, 10 Mar 2021 01:41 PM IST
Shashi Shashi
धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Shashi Shashi
Updated Wed, 10 Mar 2021 01:41 PM IST
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महा शिवरात्रि
- फोटो : SOCIAL MEDIA
महा शिवरात्रि 2021
- फोटो : self
महाशिवरात्रि के पूजन से ये ग्रह होते हैं शांत
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से शनिदेव, राहु और चंद्रमा की अशुभ दशा से मुक्ति प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव का रूद्राभिषेक करने से इसके साथ ही अन्य ग्रहों का भी दोष दूर होता है। शनि की साढ़े साती के लिए शिवजी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
''हृीं ओम् नमः शिवाय हृीं''
शिव जी का रूद्र गायत्री मंत्र राहु-केतु और शनि की पीड़ा से मुक्ति दिलाता है। यदि किसी की कुंडली में कालसर्प दोष हो तो उन्हें भी रूद्र गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इस प्रकार है शिव जी का रूद्र गायत्री मंत्र।
ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।।
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से शनिदेव, राहु और चंद्रमा की अशुभ दशा से मुक्ति प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव का रूद्राभिषेक करने से इसके साथ ही अन्य ग्रहों का भी दोष दूर होता है। शनि की साढ़े साती के लिए शिवजी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
''हृीं ओम् नमः शिवाय हृीं''
शिव जी का रूद्र गायत्री मंत्र राहु-केतु और शनि की पीड़ा से मुक्ति दिलाता है। यदि किसी की कुंडली में कालसर्प दोष हो तो उन्हें भी रूद्र गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इस प्रकार है शिव जी का रूद्र गायत्री मंत्र।
ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।।
महा शिवरात्रि 2021
- फोटो : amar ujala
ये मंत्र दिलाएगा रोगों और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति।
भगवान शिव को देवों के देव महादेव और कालों के काल महाकाल कहा जाता है। मृत्यु भी इनके भय से दूर भागती है। शिव जी के महामृत्युंज मंत्र के जाप से असाध्य रोग भी दूर हो जाता है। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र से अकाल मृत्यु ग्रह दोष आदि से भी मुक्ति प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि का पावन पर्व इन मंत्रों के जाप के लिए बहुत ही उत्तम रहता है। इस प्रकार है महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
महामृत्युंजय गायत्री मंत्र
ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवद्र्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्व: भुव: ॐ स: जूं हौं ॐ ॥
भगवान शिव को देवों के देव महादेव और कालों के काल महाकाल कहा जाता है। मृत्यु भी इनके भय से दूर भागती है। शिव जी के महामृत्युंज मंत्र के जाप से असाध्य रोग भी दूर हो जाता है। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र से अकाल मृत्यु ग्रह दोष आदि से भी मुक्ति प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि का पावन पर्व इन मंत्रों के जाप के लिए बहुत ही उत्तम रहता है। इस प्रकार है महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
महामृत्युंजय गायत्री मंत्र
ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवद्र्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्व: भुव: ॐ स: जूं हौं ॐ ॥
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महाशिवरात्रि 2021
शिव जी की कृपा पाने के इस मंत्र का करें जाप।
भगवान शिव का मूल मंत्र जिसे पंचाक्षरी मंत्र भी कहा जाता है। यह मंत्र बहुत ही प्रभाव शाली माना गया है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करते हुए इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे आपके जीवन की सभी समस्याएं समाप्त होती हैं और जीवन में सुख समृद्धि आती है।
''ऊँ नम: शिवाय''
भगवान शिव का मूल मंत्र जिसे पंचाक्षरी मंत्र भी कहा जाता है। यह मंत्र बहुत ही प्रभाव शाली माना गया है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करते हुए इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे आपके जीवन की सभी समस्याएं समाप्त होती हैं और जीवन में सुख समृद्धि आती है।
''ऊँ नम: शिवाय''