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Kanya Pujan Muhurat 2025: किस दिन और कैसे करें कन्या पूजन? जानें मुहूर्त और इसका महत्व

Sun, 23 Mar 2025 12:04 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 23 Mar 2025 12:04 PM IST
सार

Kanya Pujan 2025: नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन विशेष रूप से अष्टमी और नवमी तिथि को किया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से मां दुर्गा के सम्मान में की जाती है, जिसमें 9 छोटी कन्याओं और एक बटुक भैरव का पूजन किया जाता है।

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Kanya Pujan 2025 Date Know About Muhurat and Rituals Significance Navmi Me Kanya Pujan Kaise Kare in Hindi
कन्या पूजन 2025 - फोटो : adobe stock

Kab Kiya Jaaega Kanya Pujan: इस साल चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से शुरू हो रही है, और खास बात यह है कि मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। हालांकि, इस बार नवरात्रि 9 नहीं बल्कि 8 दिनों की होगी क्योंकि पंचमी तिथि का क्षय हो रहा है। कन्या पूजन नवरात्रि का एक अभिन्न अंग है। अलग-अलग नामों से जाना जाने वाला कंजक या कंजिका देवी दुर्गा की दिव्य शक्ति का सम्मान करने के लिए एक पवित्र अनुष्ठान है। ऐसा माना जाता है कि माँ दुर्गा ने एक छोटी लड़की के रूप में कालसुर से युद्ध किया था। 

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कन्या पूजन हिंदू परंपरा में एक विशेष स्थान रखता है। यह नवरात्रि के शुभ आठवें और नौवें दिन मनाया जाता है, जो देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिवसीय हिंदू त्योहार है। कंजक पूजा के रूप में भी जाना जाता है, कन्या पूजा तब पूरी होती है जब नौ छोटी लड़कियों को नवदुर्गा या माँ दुर्गा के नौ अवतारों का रूप माना जाता है। अब सवाल यह है कि कन्या पूजन कब होगा? आमतौर पर यह अष्टमी या नवमी के दिन किया जाता है। आइए जानते हैं कब किया जाएगा कन्या पूजन। 

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Kanya Pujan 2025 Date Know About Muhurat and Rituals Significance Navmi Me Kanya Pujan Kaise Kare in Hindi
कन्या पूजन 2025 - फोटो : adobe stock

कन्या पूजन मुहूर्त

अष्टमी तिथि का कन्या पूजन मुहूर्त
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 5 अप्रैल,शनिवार, प्रातः 5:33 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त:6 अप्रैल,रविवार, प्रातः 7:25 बजे

कन्या पूजन के लिए शुभ समय
5 अप्रैल 2025, प्रातः 6:00 बजे से प्रातः 7:00 बजे तक

नवमी तिथि का कन्या पूजन मुहूर्त
नवमी तिथि प्रारंभ: 6 अप्रैल, रविवार प्रातः 7:25 बजे से
नवमी तिथि समाप्त: 7 अप्रैल, सोमवार प्रातः 5:44 बजे तक

कन्या पूजन के लिए शुभ समय
6 अप्रैल 2025, प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक

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कन्या पूजन 2025

कन्या पूजन की विधि
कन्या पूजन की विधि विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान की जाती है, खासकर अष्टमी और नवमी तिथि को।  इसमें 9 छोटी कन्याओं और एक बटुक भैरव का पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं पूरी कन्या पूजन विधि यहां।  

  • कन्या पूजन से पहले, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मां दुर्गा की पूजा करें।
  • 9 छोटी कन्याओं ( 2-10 वर्ष की)और एक बटुक भैरव को घर पर बुलाएं।
  • सबसे पहले कन्याओं के पैर धोकर उन्हें स्वच्छ आसन पर बैठाएं।
  • कन्याओं के माथे पर कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं। फिर उनके हाथ में कलावा बांधें।
  • घी का दीपक जलाएं और कन्याओं की आरती करें।
  • कन्याओं को पूरी, चना, हलवा और नारियल का प्रसाद दें।
  • भोजन के बाद, कन्याओं को दक्षिणा, कपड़े, उपहार या पैसों के रूप में कुछ दें।
  • कन्याओं को सम्मानपूर्वक उनके पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करें।
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कन्या पूजन 2025 - फोटो : adobe stock

करें इन मंत्रों का जाप 

कन्या पूजन के दौरान आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं-

या देवी सर्वभूतेषु 'कन्या' रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

ॐ श्री दुं दुर्गायै नमः।।
ॐ श्री कुमार्यै नमः।।
ॐ श्री त्रिगुणात्मिकायै नमः।।

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कन्या पूजन 2025 - फोटो : adobe stock

कन्या पूजन का महत्व
नवरात्रि में कुमारी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इसमें 2 से 10 वर्ष की कन्याओं की पूजा की जाती है, क्योंकि इन्हें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक माना गया है। देवी भगवत पुराण के अनुसार, जन्म के एक वर्ष बाद कन्या को कुंवारी कहा जाता है, और उनकी उम्र के अनुसार उन्हें अलग-अलग देवी स्वरूपों से जोड़ा जाता है।

दो वर्ष की कन्या को कुमारी, तीन वर्ष की को त्रिमूर्ति, चार वर्ष की को कल्याणी, पांच वर्ष की को रोहिणी, छह वर्ष की को कलिका, सात वर्ष की को चंडिका, आठ वर्ष की को शाम्भवी, नौ वर्ष की को दुर्गा और दस वर्ष की कन्या को सुभद्रा के समान माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में तीन से दस वर्ष की कन्याओं को साक्षात शक्ति का स्वरूप कहा गया है।

दुर्गा सप्तशती में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि मां दुर्गा की पूजा से पहले कन्या पूजन करना चाहिए, क्योंकि ये नारी शक्ति और सृजन की शक्ति का प्रतीक होती हैं। इसलिए, नवरात्रि में कन्या पूजन कर उन्हें सम्मान देने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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