Kajari Teej 2026: कजरी तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र की कामना से विधि-विधान से पूजा करती हैं। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 30 अगस्त, रविवार को सुबह 9 बजकर 38 मिनट से आरंभ होगी और 31 अगस्त, सोमवार को सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त को रखा जाएगा। पूजा को पूर्ण और व्यवस्थित तरीके से करने के लिए जरूरी सामग्री पहले से तैयार रखना बेहतर माना जाता है। ऐसे में अगर आप भी कजरी तीज का व्रत रखने वाली हैं, तो पूजा से पहले यहां दी गई पूरी पूजन सामग्री की लिस्ट जरूर नोट कर लें, ताकि पूजा के दौरान किसी जरूरी वस्तु की कमी न रह जाए।
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Kajari Teej 2026: कजरी तीज की पूजा में न भूलें ये चीजें, नोट कर लें पूरी पूजन सामग्री लिस्ट
Sun, 30 Aug 2026 05:09 PM IST
श्वेता सिंह
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sun, 30 Aug 2026 05:09 PM IST
सार
Kajari Teej 2026: कजरी तीज के व्रत और पूजा में सही पूजन सामग्री का होना बेहद जरूरी माना जाता है। जानें इस साल कजरी तीज की पूजा के लिए किन-किन चीजों की जरूरत पड़ेगी और पूरी सामग्री की लिस्ट।
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kajari teej 2026
- फोटो : amar ujala
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कजरी तीज पूजा सामग्री
कजरी तीज पूजा सामग्री
- भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी से बनी प्रतिमा
- प्रतिमा स्थापित करने के लिए चौकी
- चौकी पर बिछाने के लिए पीले रंग का कपड़ा
- कलश, केले के पत्ते और कच्चा सूत
- घी, रुई की बत्ती, दीपक, कपूर और धूप या अगरबत्ती
- नारियल, सुपारी और अक्षत
- दूर्वा घास, गुलाल और चंदन
- दही, मिश्री, शहद, गाय का दूध, घी और गंगाजल से तैयार पंचामृत
- मौसम के अनुसार फल, मिठाई और भोग की अन्य सामग्री
- माता पार्वती के लिए सोलह श्रृंगार की वस्तुएं, जैसे बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, महावर, साड़ी आदि
कजरी तीज के जरूरी नियम
- फोटो : Adobe stock
कजरी तीज के जरूरी नियम
- व्रत रखने वाली महिलाओं को अपनी वाणी और व्यवहार में संयम रखना चाहिए। गुस्सा करने और किसी को कठोर शब्द बोलने से बचें।
- मन में किसी के प्रति नकारात्मक भावना या बुरे विचार न रखें।
- व्रती महिलाओं को झाड़ू लगाने और झाड़ू को छूने से बचना चाहिए।
- सुहागिन महिलाओं को कजरी तीज पर काले, नीले, सफेद और भूरे रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
- इस दिन बाल या नाखून काटने जैसे कार्य न करें। बाल धोने से भी परहेज करने की परंपरा है।
- कजरी तीज के दिन महिलाओं के झूला झूलने की भी परंपरा है, इसलिए संभव हो तो झूला जरूर झूलें।
- व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करने की मान्यता है।
- व्रत खोलने से पहले भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करें। इसके बाद दान-दक्षिणा करके ही भोजन ग्रहण करें।
- व्रत के दिन पति, सास-ससुर और परिवार के अन्य बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद जरूर लें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।