Kajari Teej 2026: हर साल कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना के लिए उपवास करती हैं। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान उपासना करने का भी विधान है। इसके प्रभाव से दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ता है। शास्त्रों में इस दिन को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन से भी जोड़ा जाता है। वहीं, कुछ स्थानों पर कजरी तीज के शुभ अवसर पर नीम के पेड़ की पूजा करने की भी परंपरा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि, साल 2026 में कजरी तीज का व्रत कब रखा जाएगा ?
{"_id":"6a82d61b040cf124d1030502","slug":"kab-hai-kajari-teej-2026-date-significance-and-shubh-yog-2026-08-17","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Kajari Teej 2026: कब रखा जाएगा कजरी तीज का व्रत ? जानें तिथि और सरल उपाय","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Kajari Teej 2026: कब रखा जाएगा कजरी तीज का व्रत ? जानें तिथि और सरल उपाय
Mon, 17 Aug 2026 05:08 PM IST
मेघा कुमारी
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Mon, 17 Aug 2026 05:08 PM IST
सार
Kajari Teej 2026: कजरी तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती हैं, क्योंकि यह तिथि उनके पुनर्मिलन का प्रतीक है। वहीं, कुछ स्थानों पर कजरी तीज के शुभ अवसर पर नीम के पेड़ की पूजा करने की भी परंपरा है।
विज्ञापन
Kajari Teej 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
Trending Videos
कजरी तीज
- फोटो : amarujala
कजरी तीज 2026
- भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 31 अगस्त 2026, सोमवार को रहेगी।
- तृतीया तिथि प्रारंभ: 30 अगस्त 2026, रविवार, सुबह करीब 9 बजकर 36 मिनट पर।
- तृतीया तिथि समाप्त: 31 अगस्त 2026, सोमवार, सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर।
कजरी तीज
- फोटो : istock
कजरी तीज 2026 शुभ मुहूर्त
- अमृत चौघड़िया- सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक।
- शुभ चौघड़िया- सुबह 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।
- लाभ चौघड़िया- दोपहर 3 बजकर 32 मिनट से शाम 5 बजकर 8 मिनट तक।
- अमृत चौघड़िया- शाम 5 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक।
विज्ञापन
विज्ञापन
कजरी तीज
- फोटो : freepik
कजरी तीज पर करें ये 4 काम
- कजरी तीज के दिन शिवलिंग पर शहद, दूध और दही अर्पित कर विधि-विधान से पूजा करें। मान्यता है कि भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।
- पूजा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती को वस्त्र अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक व्रत का संकल्प लें। इसके बाद परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।
विज्ञापन
कजरी तीज
- फोटो : freepik
- कजरी तीज के दिन माता पार्वती को सुहाग से जुड़ी सामग्री की वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- कजरी तीज के दिन नीम के पेड़ की पूजा करने की भी परंपरा है। श्रद्धा और विधि-विधान से नीम के पेड़ की पूजा करने से शुभ परिणामों की प्राप्ति होने की मान्यता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।