यूं तो काशी के कण-कण का अपना महात्म्य है पर यहां के शिव मंदिरों की महिमा अपरंपार है। जी हां, बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ की नगरी में एक लिंग ऐसा भी है जो हर महाशिवरात्रि पर जौ के बराबर बढ़ जाता है। वह है ईश्वरगंगी स्थित सिद्धपीठ श्री जागेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग।
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Maha shivaratri 2020: चमत्कारी है यह शिवलिंग, हर महाशिवरात्रि पर बढ़ जाता है आकार
Wed, 05 Feb 2020 03:51 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Wed, 05 Feb 2020 03:51 PM IST
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Maha shivaratri 2020
- फोटो : अमर उजाला
Maha shivaratri 2020
- फोटो : Pixabay
सावन में जागेश्वर महादेव के दर्शन, पूजन और रुद्राभिषेक का खास महत्व है। मान्यता है कि भगवान शिव यहां माता पार्वती के साथ विराजते हैं। यही वजह है कि यहां हर समय श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है।
Maha shivaratri 2020
- फोटो : shiv temple
मान्यता है कि शिवलिंग के दर्शन, स्पर्श व पूजन से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। स्कंदपुराण काशी खंड के अनुसार जिस समय भगवान शिव काशी छोड़कर मंदराचल चले गए थे तो जैगीषव्य ऋषि ने प्रण लिया था कि शिव के दर्शन के बाद ही जल की एक बूंद ग्रहण करूंगा।
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Maha shivaratri 2020
- फोटो : shiv
इसके बाद उन्होंने मंदिर की गुफा में कठिन तपस्या शुरू कर दी। उनके दृढ़ योग से शिव प्रसन्न हो गए। उन्होंने नंदी को लीला कमल के साथ ऋषि के पास भेजा। कमल को स्पर्श करते ही मुनि का क्षीण शरीर फिर से स्वस्थ हो गया। जैगीषव्य ऋषि ने भगवान शिव से यह वरदान मांगा कि आप यहां के शिवलिंग में हमेशा उपस्थित रहें।
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Maha shivaratri 2020
इसके बाद भगवान शिव ने उनको यह वरदान दिया कि यह शिवलिंग दुर्लभ होगा और इसके दर्शन-पूजन से मनुष्य की हर कामना पूरी होगी। इसके बाद से हर साल शिवलिंग में वृद्धि होती है। मंदिर की गुफा का कोई अंत नहीं है।