धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वीद प्राप्त करने के लिए प्रदोष का व्रत किया जाता है। प्रदोष व्रत चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है। 5 अगस्त को शनिवार है और इसी दिन प्रदोष व्रत है। सावन के महीने में शनि प्रदोष को काफी शुभ माना जाता है इस दिन कुछ विशेष पूजा-पाठ करने से महादेव के साथ शनिदेव की भी कृपा मिलती है।
आज इस विशेष योग में करें ये आसान उपाय, दूर होगा शनि का प्रभाव
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 05 Aug 2017 08:32 AM IST
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