Holika Dahan 2025: हर साल होली के पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जिसे सामाजिक एकता, विश्वास और रिश्तों में प्रेम भरने का अवसर कहा जाता है। इस दिन हर व्यक्ति होली के पवित्र रंगों में रंग कर अपने मन से सभी तरह के गिले शिकवों को दूर करता है। इस दिन परिवार के साथ उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं। वहीं होली से एक दिन पहले होलिका दहन करने का विधान है। इसे बुराई की अच्छाई पर जीत का प्रतीक माना जाता है।
{"_id":"67d15b12e9e8d7a42f033b1a","slug":"holika-dahan-2025-hanuman-ji-special-puja-at-holika-dahan-night-2025-03-12","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Holika Dahan 2025: होलिका दहन की रात इस विधि से करें हनुमान जी की खास पूजा, घर से दूर होंगी सारी परेशानियां","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Holika Dahan 2025: होलिका दहन की रात इस विधि से करें हनुमान जी की खास पूजा, घर से दूर होंगी सारी परेशानियां
Thu, 13 Mar 2025 08:33 AM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Thu, 13 Mar 2025 08:33 AM IST
सार
Holika Dahan 2025: हर साल होली के पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जिसे सामाजिक एकता, विश्वास और रिश्तों में प्रेम भरने का अवसर कहा जाता है।
विज्ञापन
Holika Dahan 2025
- फोटो : अमर उजाला
2025 में होलिका दहन का समय 13 मार्च को रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 14 मार्च को रात 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
- फोटो : adobe stock
शुभ मुहूर्त
13 मार्च को होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर देर रात 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस समय के बीच ही होलिका दहन करना शुभ रहेगा।
13 मार्च को होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर देर रात 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस समय के बीच ही होलिका दहन करना शुभ रहेगा।
होलिका दहन के बाद रात्रि के समय हनुमान जी की विधि विधान से पूजा करें।
- फोटो : adobe stock
इस विधि से करें हनुमान जी की खास पूजा
- पूजा के लिए सबसे पहले स्नान कर लें।
- इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें।
- अब पूजा के स्थान पर हनुमान जी को प्रणाम करें और उन्हें फूलों का हार, प्रसाद और चोला अर्पित करें।
- इस दौरान उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल भी चढ़ाएं।
- अब घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रभु को लाल रंग का चंदन भी लगाएं।
- अंत में पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
होलिका दहन के दिन हनुमान जी के इन मंत्रों का करें जाप
- फोटो : adobe stock
होलिका दहन के दिन हनुमान जी के इन मंत्रों का करें जाप
- ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट
- ॐ नमो भगवते हनुमते नमः
- ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
- ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
विज्ञापन
हनुमान जी की आरती
- फोटो : freepik
हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।
पैठी पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।
जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।
पैठी पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।
जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
Chandra Grahan 2025 Daan Samagri: चन्द्र ग्रहण के बाद दान से दूर होगा ग्रहण दोष, जानिए आवश्यक दान सामग्री
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।