हिंदू पंचांग के अनुसार सावन महीने के खत्म होने के बाद छठा माह भाद्रपद शुरू हो जाता है। भाद्रपद को भादो, भादवा और भाद्र के नाम से भी जाना जाता है। भाद्रपद का नाम भाद्रपद नक्षत्र के नाम पर रखा गया है। भादो का महीना भगवान कृष्ण और गणेशजी को समर्पित होता है। चातुर्मास के 4 पवित्र महीनों का यह दूसरा महीना होता है। इस महीने में कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे की कई प्रमुख व्रत और त्योहार होते हैं।
भाद्रपद महीना शुरू, ये रहेंगे सितंबर महीने के प्रमुख व्रत और त्योहार
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कजरी तीज- 29 अगस्त 2018
भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज मनाया जाएगा। इस त्योहार को विशेष रूप से राजस्थान में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है इस पर्व की शुरुआत महाराणा राजसिंह ने अपनी पत्नी को खुश करने के लिए किया था।
बहुला चौथ- 30 अगस्त 2018
भादप्रद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी को बहुला चौथ मनाई जाएगी। यह गौ पूजा का त्योहार है इस व्रत में पुत्रवती महिलाएं संतान की रक्षा के लिए यह व्रत रखती हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी- 2, 3 सितंबर 2018
भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन करने का विशेष महत्व होता है। भगवान विष्णु के आठवें अवतार को श्री कृष्ण माना जाता है। इस बार 2 और 3 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
हरतालिका तीज - 12 सितंबर 2018
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरितालिका तीज व्रत मनाया जाता है। इस साल यह व्रत 12 सितम्बर को मनाई जाएगी। हरतालिका तीज का व्रत कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियां करती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए किया था।