Hariyali Amavasya 2022: सावन हरियाली और उत्साह का महीना माना जाता है। इसलिए इस महीने की अमावस्या पर प्रकृति के करीब आने के लिए पौधारोपण किया जाता है। गुरुवार 28 जुलाई को हरियाली अमावस्या का पर्व है इस दिन पौधारोपण से ग्रह दोष शांत होते हैं। अमावस्या तिथि का संबंध पितरों से भी माना जाता है। हरियाली अमावस्या के दिन पौधारोपण से पितर भी तृप्त होते हैं, यानी इस दिन पौधे लगाने से प्रकृति और पितर दोनों ही संतुष्ट होकर मनुष्य को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इसलिए इस दिन एक पौधा लगाना शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर वृक्षारोपण का अधिक महत्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि एक 1 पेड़ 10 पुत्रों के समान होता है। पेड़ लगाने के सुख बहुत होते हैं और पुण्य उससे भी अधिक। वृक्षों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु परिवार के प्रति व्यक्ति को हरियाली अमावस्या पर एक-एक पौधा रोपण करना चाहिए।
Hariyali Amavasya 2022: हरियाली अमावस्या में करें इन पौधों का वृक्षारोपण, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद
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कामना सिद्धि हेतु कौन-सा वृक्ष लगाएं
- लक्ष्मी प्राप्ति के लिए : तुलसी, आंवला, केला, बिल्वपत्र का वृक्ष।
- आरोग्य प्राप्ति के लिएः ब्राह्मी, पलाश, अर्जुन, आंवला, सूरजमुखी, तुलसी।
- ऐश्वर्य व सौभाग्य प्राप्ति हेतु: अशोक, अर्जुन, नारियल, ब़ड़ (वट) का वृक्ष।
- संतान प्राप्ति हेतु: पीपल, नीम, बिल्व, नागकेशर, गु़ड़हल, अश्वगंधा।
- मेधा वृद्धि प्राप्ति हेतु: आंक़ड़ा, शंखपुष्पी, पलाश, ब्राह्मी, तुलसी।
- सुख प्राप्ति के लिए: नीम, कदम्ब, घने छायादार वृक्ष।
- आनन्द प्राप्ति के लिए : हरसिंगार (पारिजात) रातरानी, मोगरा, गुलाब।
अपनी राशि के अनुसार लगाएं ये पौधे
वैसे तो पौधे कभी भी लगाए जा सकते हैं लेकिन हरियाली अमावस्या का अपना ही महत्व है। इसलिए कहा जाता है कि अगर कोई इस दिन अपनी राशि के अनुसार पौधे लगाए तो उसके सारे दु:ख-दर्द दूर हो जाते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है। मानव कल्याण का पुण्य फल भी प्राप्त होता है। इसलिए भी यह दिन विशेष माना गया है। बता दें कि भारतीय संस्कृति में पुरातन काल से ही इस दिन पौधे रोपे जाने की परंपरा चली आ रही है। ग्रह और व्यक्ति की राशियों के बीच गहरा संबंध होता है। इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन अपनी राशि के अनुसार पौधे रोपने से व्यक्ति की परेशानियां दूर हो जाती हैं। तो अगर आप भी पौधे लगाने के बारे में विचार कर रहे हैं तो अपनी राशि के अनुसार पौधे लगाएं। इसमें मेष राशि वाले जातक आंवला, वृष राशि के जातक जामुन, मिथुन राशि के जातक चंपा, कर्क राशि के जातक पीपल सिंह राशि के जातक वट वृक्ष और अशोक, कन्या राशि के जातक जूही और बेलपत्र, तुला राशि के जातक अर्जुन और नागकेसर, वृश्चिक राशि के जातक नीम, धनु राशि के जातक अर्कवृक्ष, मकर राशि के जातक नारियल, कुंभ राशि के जातक आम और कदंब वहीं मीन राशि वाले जातक बेर का पौधा लगाएं।
अमावस्या पर शिव-पार्वती पूजा का महत्व
सावन माह शिवजी को विशेष प्रिय है। लेकिन इस महीने कई तीज-त्योहार आते हैं। इसलिए भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा का भी बहुत महत्व है। अमावस्या पर भगवान शिव-पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और समृद्धि मिलती है। इसके साथ ही हर तरह के रोग भी खत्म हो जाते हैं। अमावस्या पर पूजा में ॐ उमामहेश्वराय नम: मंत्र का जाप करें। देवी पार्वती को सुहाग का सामान चढ़ाएं और शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाएं।