Hariyali Amavasya 2024: भगवान शिव के प्रिय माह सावन की शुरुआत 22 जुलाई 2024 से हो चुकी है। इस माह में आने वाले सभी सोमवार को महादेव की पूजा का विधान है। सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय है। इस दौरान पूजा पाठ करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती है। इस माह में सभी शिव भक्त महादेव की भक्ति में लीन रहते हैं, और उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई तरह के भोग बनाते हैं। हिंदू धर्म में सावन के महीने को बेहद पवित्र माना जाता है। इस माह के सोमवार ही नहीं बल्कि अन्य व्रत, त्योहार और तिथि का भी महत्व है। इसमें अमावस्या का नाम मुख्य रूप से शामिल है।
Hariyali Amavasya 2024: सावन अमावस्या पर करें ये खास उपाय, महादेव की बनी रहेगी कृपा
हरियाली अमावस्या तिथि 2024
सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत 03 अगस्त 2024 को दोपहर: 03: 50 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 04 अगस्त सायं 4: 42 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार सावन अमावस्या 04 अगस्त 2024 को होगी। इस दिन सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो 04 अगस्त, रविवार प्रात: काल से लेकर सुबह 10:38 तक रहने वाला है।
रवि पुष्य योग: 4 अगस्त 2024 प्रातः 05:44 से दोपहर 01:26 तक है।
सर्वार्थ सिद्धि योग: 04 अगस्त प्रातः 5: 44 मिनट से दोपहर 1: 26 मिनट तक
हरियाली अमावस्या पूजा मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:20 से प्रात: 05:02 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से दोपहर 12:54 तक
स्नान दान का शुभ समय: प्रातः 05:44 से दोपहर 01:26 तक
सावन अमावस्या पर करें ये उपाय
- सावन अमावस्या के शुभ दिन पर पीपल के वृक्ष की पूजा करें। इस दौरान बरगद, केला, नींबू अथवा तुलसी का वृक्षारोपण जरूर करें। ऐसा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
- इस दौरान पति-पत्नी को साथ में मिलकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा करनी चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव को आक या मदार के सफेद फूल चढ़ाने चाहिए। माना जाता है कि इससे पितृ दोष समाप्त होता है।
- इस दिन नदी या पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इससे रोग खत्म होते हैं।
- सावन की अमावस्या पर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इस दौरान हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। इस दौरान धन की देवी मां लक्ष्मी का नाम लेते हुए घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाएं। माना जाता है कि इससे धन से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती है।
(अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।