Hariyali Amavasya 2024: देवों के देव महादेव के प्रिय माह सावन की शुरुआत अब हो चुकी है। ये माह भगवान शिव की पूजा अर्चना को समर्पित है। माना जाता है कि सावन में शंकर जी की पूजा पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दौरान आने सभी सोमवार को शिव जी की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में न केवल सोमवार बल्कि अन्य व्रत और त्योहारों को भी शुभ माना जाता है। इसमें हरियाली अमावस्या का नाम मुख्य रूप से शामिल है।
Hariyali Amavasya 2024: हरियाली अमावस्या पर इस विधि से करें पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी
हरियाली अमावस्या पूजा मुहूर्त 2024
हरियाली अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:20 से प्रात: 05:02 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से दोपहर 12:54 तक
स्नान दान का शुभ समय: प्रातः 05:44 से दोपहर 01:26 तक
Hariyali Amavasya 2024: सावन अमावस्या पर करें ये खास उपाय, महादेव की बनी रहेगी कृपा
हरियाली अमावस्या पूजा विधि
हरियाली अमावस्या के शुभ दिन पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। इसके बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें। फिर पूजा स्थल पर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर के रख लें। बाद में चौकी लगाकर उसपर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति विराजमान करें। इसके बाद महादेव का विधि पूर्वक अभिषेक करें। फिर धीरे-धीरे शिव जी को फल, फूल, धूप और मिठाई अर्पित करते जाएं। इस दौरान घी का दीपक भी जलाएं। बाद में शिव चालीसा का पाठ करें।
- बेलपत्र
- चंदन
- रोली
- शहद
- दही
- दीपक
- पूजा के बर्तन
- देशी घी
- धतूरा
- फूल
- गंगाजल और साफ जल
- मिठाई
- शमी का फूल
- दूध
- सुपारी
- चावल
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।