Akshaya Tritiya Griha Pravesh : सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यधिक शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन को लेकर मान्यता है कि जो भी कार्य इस दिन किए जाते हैं, उनका फल कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि वह निरंतर बढ़ता और फलता रहता है। इसलिए इस दिन को विशेष रूप से दान, पुण्य, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए आदर्श माना जाता है।
Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया पर नए घर में प्रवेश? इन नियमों को न करें नजरअंदाज
Griha Pravesh Niyam: अक्षय तृतीया का दिन एक ऐसा अवसर है जब पूरे दिन अबूझ मुहूर्त रहता है, यानी कोई भी कार्य बिना किसी दोष या बुरा प्रभाव के किया जा सकता है। यही कारण है कि इस दिन विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए इसे अत्यंत शुभ और उपयुक्त माना जाता है।
कब है अक्षय तृतीया?
द्रिक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया वैशाख माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को मनाई जाती है और इस साल अक्षय तृतीया 30 अप्रैल 2025, बुधवार के दिन मनाई जा रही है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन को स्वयंसिद्ध व अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है।
अक्षय तृतीया गृह प्रवेश मुहूर्त
अक्षय तृतीया का दिन एक खास अवसर है, जब पूरे दिन का समय अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन आप बिना किसी खास मुहूर्त के भी गृह प्रवेश कर सकते हैं। इस दिन का महत्व इतना अधिक है कि इसे शुभ कार्यों के लिए सबसे अनुकूल दिन माना जाता है, फिर चाहे वह विवाह हो, गृह प्रवेश हो, या कोई और मांगलिक कार्य। इस साल अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश के लिए सुबह 05:41 बजे से लेकर दोपहर 12:18 बजे तक का समय सबसे अधिक शुभ और लाभकारी माना गया है। इस समय के बीच गृह प्रवेश करने से आपके घर में सुख, समृद्धि और भगवान का आशीर्वाद बना रहेगा।
अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश के इन नियमों का ध्यान
- अक्षय तृतीया के दिन घर के मुख्य द्वार को तोरण और रंगोली से सजाना बेहद शुभ माना जाता है, इससे सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।
- गृह प्रवेश करते समय वास्तु दोष निवारण, नवग्रह शांति और हवन कराना बहुत जरूरी होता है ताकि घर में सुख-शांति बनी रहे।
- ब्राह्मण द्वारा विधिवत पूजा के बाद ही घर के अंदर प्रवेश करें, और प्रवेश से पहले शंखनाद जरूर करवाएं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
- जब दंपति घर में प्रवेश करें, तो हमेशा दाहिने पैर से ही पहला कदम रखें, यह शुभता का प्रतीक माना जाता।
- गृह प्रवेश की पूजा के बाद नए घर के चूल्हे पर सबसे पहले दूध उबालें या कुछ मीठा जैसे खीर या हलवा बनाएं, जिससे घर में समृद्धि बनी रहती है।
- ब्राह्मणों को भोजन कराकर और अपनी सामर्थ्य अनुसार उन्हें दक्षिणा देकर पुण्य प्राप्त किया जा सकता है, यह दिन ऐसा करने के लिए विशेष रूप से उत्तम होता है।
- इस पावन अवसर पर मां लक्ष्मी को सोना अर्पित करें, यदि संभव हो, तो इससे धन का आगमन बना रहता है और आर्थिक पक्ष मजबूत होता है।
- घर में रात को दीपक जलाएं, विशेषकर मुख्य द्वार पर, और कोशिश करें कि नए घर को पहली रात खाली न छोड़ें , ऐसा करने से घर की ऊर्जा स्थिर होती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।