Vakratunda Mahakaya Mantra Special in Hindi: कल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। कल यानी 27 अगस्त से गणेश उत्सव का आरंभ हो रहा है और 6 सितम्बर यानी अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ इसका समापन होगा। गणेश चतुर्थी के दिन मूर्ति स्थापना के समय "वक्रतुंड महाकाय" मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। चूंकि भगवान गणेश को प्रथम पूज्यनीय माना गया है। इसलिए इनका ध्यान करके लोग सबसे पहले उनसे प्रार्थना करते हैं। ताकि जीवन में आने वाले विघ्न दूर हो सके और पूजा सकुशल संपन्न हो। कहते हैं इस मंत्र के बिना सारी पूजा अधूरी रहती है।
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश स्थापना के समय करें वक्रतुंड महाकाय मंत्र का जाप, जानें इसका अर्थ और महत्व
Ganesh Chaturthi 2025: मान्यता है कि वक्रतुंड महाकाय मंत्र" गणपति का सबसे शक्तिशाली मंत्र हैं। इस मंत्र का जाप करते समय अपने हृदय में बप्पा को स्थान देकर उनका ध्यान करने से भगवान प्रसन्न होते हैं। आइए जानते हैं इस मंत्र का अर्थ और महत्व।
मंत्र
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली। मेरे प्रभु, हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करें (करने की कृपा करें)॥
मंत्र का अर्थ
वक्रतुंड – घुमावदार सूंड़ वाले (भगवान गणेश)
महाकाय – विशाल शरीर वाले
सूर्यकोटि समप्रभ – करोड़ों सूर्य के समान तेजस्वी
निर्विघ्नं कुरु मे देव – हे देव! मेरे समस्त कार्यों में विघ्न दूर करें
सर्वकार्येषु सर्वदा – हर कार्य में, हर समय
मंत्र का महत्व
यह मंत्र हर प्रकार की बाधाओं और अड़चनों को दूर करने में सहायक है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले इस मंत्र का जाप करने से कार्य में सफलता मिलती है। यह मंत्र मन को शांत करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। मंत्र के माध्यम से भगवान गणेश की कृपा जल्दी प्राप्त होती है।
गणेश स्थापना के समय कैसे करें वक्रतुंड महाकाय मंत्र का जाप?
- पूजा स्थल को गंगाजल या स्वच्छ जल से पवित्र करें।
- फूल, फल, दूर्वा, मोदक, रोली, अक्षत आदि पूजा सामग्री पास रखें।
- दीपक जलाकर भगवान गणेश के सामने रखें।
- शांत चित्त होकर मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप करें।
- मन में भगवान से अपने कार्यों की सफलता हेतु प्रार्थना करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।