फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Diwali 2017: इस बार दीपावली पर बन रहे हैं कई संयोग एक साथ, जानें पूजा का शुभ-मुहूर्त

Mon, 09 Oct 2017 07:27 PM IST
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 09 Oct 2017 07:27 PM IST
विज्ञापन
Diwali 2017 timing and muhurat of deepavali on 19 october
दीपावली

इस बार दीपावली का त्योहार 19 अक्टूबर 2017 को मनाया जाएगा। कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी भगवान गणेश की पूजा करने का विधान होता है। इस बार 27 साल बाद दीपावली पर गुरु चित्रा का संयोग बन रहा है। इससे पहले ऐसा योग 1990 में बना था। ज्योतिष गणना के अनुसार ऐसा संयोग 4 साल बाद 2021 में बनेगा। 



पढ़ें- DIWALI 2017ः मां लक्ष्मी के घर आने पर दीपावली की रात दिखते हैं ये 4 जीव

Diwali 2017 timing and muhurat of deepavali on 19 october
दीपावली

इस बार दीपावली के दिन कई संयोग एक साथ बन रहे हैं जैसे कि दीपावली इस बार गुरुवार को पड़ रही है जिसके कारण गुरु योग बन रहा है। इसके साथ अमावस्या तिथि, चित्रा नक्षत्र भी है । 7 चौघड़िए,एक अभीजित मुहूर्त और दो लग्न भी बन रहे हैं।

Diwali 2017 timing and muhurat of deepavali on 19 october
दीपावली

ब्रह्रापुराण में दीपावली पूजन के शुभ मुहूर्त के बारे में बताया गया है। माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिये इस दिन को बहुत ही शुभ माना गया है। घर में सुख-समृद्धि बने रहे और मां लक्ष्मी स्थिर रहें इसके लिये दिनभर मां लक्ष्मी का उपवास रखने के उपरांत सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिये। इस मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन और सामानों के खरीदारी शुभ मानी जाती है।

प​ढ़ें- DIWALI 2017: इन 33 चीजों से करें मां लक्ष्मी की पूजा, कभी नहीं होगी धन की कमी

विज्ञापन
विज्ञापन
Diwali 2017 timing and muhurat of deepavali on 19 october
दीपावली

दिवाली 2017 का शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 19:11 से 20:16
प्रदोष काल- 17:43 से 20:16
वृषभ काल- 19:11 से 21:06
अमावस्या तिथि आरंभ- 00:13 (19 अक्तूबर)
अमावस्या तिथि समाप्त- 00:41 (20 अक्तूबर)

विज्ञापन
Diwali 2017 timing and muhurat of deepavali on 19 october
दीपावली

लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोषकाल का महत्व

धर्म शास्त्रों में दीपावली में लक्ष्मी गणेश पूजन में प्रदोष काल का विशेष महत्व होता है। दिन-रात के संयोग को ही प्रदोष काल कहते है। क्योंकि दिन का समय भगवान विष्णु का स्वरूप है और रात माता लक्ष्मी का स्वरुप। इन दोनों के संयोग काल को ही प्रदोष काल कहते है। इसमें दीपावली पूजन करना शुभ होता है। इस बार शाम 05.43 से रात 08.16 तक प्रदोषकाल रहेगा। इस दौरान लोग धन, सुख-समृद्धि की कामना से लक्ष्मी, गणेश व कुबेर का पूजन कर सकेंगे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed