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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Chaitra Purnima 2021 muhurat timing puja vidhi and significance

Chaitra Purnima 2021: चैत्र पूर्णिमा आज, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Tue, 27 Apr 2021 06:40 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 27 Apr 2021 06:40 AM IST
सार

धार्मिक दृष्टि से चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रीराम के परमभक्त हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है। इसके अलावा इसी दिन ब्रज नगरी में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के संग रास उत्सव रचाया था।

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Chaitra Purnima 2021 muhurat timing puja vidhi and significance
चैत्र पूर्णिमा 2021 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Chaitra Purnima 2021 Date: चैत्र पूर्णिमा आज है। धार्मिक दृष्टि से चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रीराम के परमभक्त हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है। इसके अलावा इसी दिन ब्रज नगरी में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के संग रास उत्सव रचाया था। माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान एवं दान-पुण्य के कार्य करने से समस्त प्रकार के दुखों से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं पूर्णिमा तिथि का मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व के बारे में। 

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चैत्र पूर्णिमा मुहूर्त

चैत्र पूर्णिमा तिथि 26 अप्रैल 2021, सोमवार, दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से शुरू हो चुकी है, जिसका समापन आज सुबह 09 बजकर 01 मिनट पर होगा। 

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चैत्र पूर्णिमा पूजा विधि
  • चैत्र पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • उपवास रखने से पहले व्रत का संकल्प लें। 
  • सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें। 
  • स्नान से निवृत्त होकर भगवान मधुसूदन की पूजा करें।
  • संभव हो तो सत्य नारायण का पाठ करें।
  • उन्हें नैवेद्य अर्पित करें। 
  • अंत में ब्राह्मणों और गरीबों को दान-दक्षिणा दें।
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चैत्र पूर्णिमा के दिन होती है हनुमान जयंती

चैत्र पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। इस दिन भगवान श्रीराम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव होता है। इसलिए प्रति वर्ष इस दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र माह में पूर्णिमा तिथि के दिन मां अंजनी की कोख से हनुमान जी का जन्म हुआ था।

चैत्र पूर्णिमा का महत्व

चैत्र पूर्णिमा नवसंवत्सर की पहली पूर्णिमा होती है। इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करने से जातकों सुख, धन और वैभव की प्राप्ति होती है। इस दिन विष्णु जी के स्वरूप भगवान सत्यनारायण की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। साथ ही इस दिन सत्यनारायण का व्रत करने से जातकों को समस्त प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता है।

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