चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है। हिन्दू धर्म का यह एक बेहद ही महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर चैत्र शुक्ल नवमी तिथि को समाप्त होता है। इस दौरान नौ दिनों तक मां के व्रत रखे जाते हैं और इस दौरान माता दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की आराधना की जाती है।
2 of 7
चैत्र नवरात्रि 2020: नवरात्रि व्रत नियम
- फोटो : सोशल मीडिया
मान्यता है कि जो व्यक्ति नवरात्रि के व्रत विधि विधान से रखता है और मां दुर्गा की उपासना सच्चे हृदय से करता है तो उस व्यक्ति की समस्त प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लेकिन कई बार यह भी देखा जाता है कि भूलवश या गलती से नवरात्रि व्रत खंडित हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में व्रत दोष को दूर करने के लिए शास्त्रों में नियम बताए गए हैं। नियमानुसार व्रत खंडित हो जाने पर कुछ विशेष उपाय करने चाहिए।
3 of 7
चैत्र नवरात्रि 2020: नवरात्रि व्रत नियम
- फोटो : अमर उजाला
यदि आप चैत्र नवरात्रि का व्रत रखते हैं और गलती से या फिर भूलवश व्रत खंडित हो जाए तो ऐसी स्थिति में आपको एक विशेष उपाय करने की आवश्यकता होगी। सबसे पहले आपने जिस देवी के लिए व्रत रखा है उनकी उपासना करते हुए उनसे इस दोष के लिए क्षमा मांगनी चाहिए।
4 of 7
चैत्र नवरात्रि 2020: नवरात्रि व्रत नियम
- फोटो : self
आपको व्रत दोष न लगे, इससे बचने के लिए उसी देवी की मूर्ति को सबसे पहले दूध, दही, शहद और शक्कर को मिलाकर पंचामृत से स्नान कराना चाहिए और फिर विधिवत् पूजा आराधना करें। पूजा में गंध, अक्षत, फूलों और सोलह तरह की पूजा सामग्रियों का प्रयोग अवश्य करें।
5 of 7
चैत्र नवरात्रि 2020: नवरात्रि व्रत नियम
- फोटो : सोशल मीडिया
शास्त्रों के नियमानुसार, जिस देवी के नाम का व्रत टूटा है उनके नाम से अपने घर पर हवन करवाएं। हवन के दौरान भी व्रत खंडित होने की क्षमा मांगनी मांगें। हवन के बाद प्रार्थना करते वक्त कहें कि जो हमारे द्वारा व्रत भंग हुआ था उसका दोष दूर करें और व्रत पूर्ण करें।