Akshaya Tritiya 2020 : वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। अक्षय तृतीया की तिथि अबूझ मुहूर्त की तिथियों में से एक है। आज अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य जरूर सफल होता है। अक्षय तृतीया पर किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग देखने की आवश्कता नहीं होती। इस तिथि में किया गया कोई भी कार्य कभी भी निष्फल नहीं होता है। यह तिथि सभी तरह के शुभ कार्यों को संपन्न करने के लिए शुभ मानी जाती है। वैवाहिक कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान, गृह प्रवेश, व्यापार, जप-तप और पूजा-पाठ करने के लिए यह अक्षय तृतीया बहुत ही शुभ मानी गयी है। इस दिन दान और गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दान का पुण्य लाभ अक्षय रहता है यानी कभी नष्ट नहीं होता है।
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Akshaya Tritiya 2020: अक्षय तृतीया पर भूलकर न करें ये काम, जानिए इससे जुड़ी खास मान्यताएं
Sun, 26 Apr 2020 02:49 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 26 Apr 2020 02:49 AM IST
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Akshaya Tritiya 2020
akshaya tritiya
अक्षय तृतीया से जुड़ी बातें
- मान्यता है सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत अक्षय तृतीया की तिथि पर हुई थी।
- अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान परशुराम भगवान का जन्म हुआ था।
- अक्षय तृतीया की पावन तिथि पर ही मां गंगा का धरती पर आगमन हुआ था।
- अक्षय तृतीया के दिन से ही वेद व्यास जी ने महाभारत ग्रंथ लिखना आरंभ किया।
- बदरीनाथ धाम के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं।
- अक्षय तृतीया पर वृंदावन के बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं।
अक्षय तृतीया पर देवी विंध्यवासिनी के श्रृंगार से जीवन की समस्याएं होंगी दूर, मिलेगा धन लाभ का आशीर्वाद : 26-अप्रैल-2020
- मान्यता है सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत अक्षय तृतीया की तिथि पर हुई थी।
- अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान परशुराम भगवान का जन्म हुआ था।
- अक्षय तृतीया की पावन तिथि पर ही मां गंगा का धरती पर आगमन हुआ था।
- अक्षय तृतीया के दिन से ही वेद व्यास जी ने महाभारत ग्रंथ लिखना आरंभ किया।
- बदरीनाथ धाम के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं।
- अक्षय तृतीया पर वृंदावन के बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं।
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akshaya tritiya
अक्षय तृतीया का महत्व
सभी तरह की शुभ तिथियों में अक्षय तृतीया का महत्व काफी अधिक है। इस तिथि पर किए गए किसी भी शुभ कार्य में सफलता जरूर मिलती है। स्वयं माता पार्वती ने धर्मराज को बताया। माता पार्वती ने कहा कि स्वयं यह व्रत करके मैं भगवान शिव के साथ आनंदित रहती हूं। ऐसे में कन्याओं को भी उत्तम पति की प्राप्ति के लिए यह व्रत पूरी श्रद्धा-भाव के साथ करना चाहिए। जिस महिला को अभी तक संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो पाई है, उसे भी इस व्रत को करके माता के आशीर्वाद से इस सुख की प्राप्ति हो सकती है।
सभी तरह की शुभ तिथियों में अक्षय तृतीया का महत्व काफी अधिक है। इस तिथि पर किए गए किसी भी शुभ कार्य में सफलता जरूर मिलती है। स्वयं माता पार्वती ने धर्मराज को बताया। माता पार्वती ने कहा कि स्वयं यह व्रत करके मैं भगवान शिव के साथ आनंदित रहती हूं। ऐसे में कन्याओं को भी उत्तम पति की प्राप्ति के लिए यह व्रत पूरी श्रद्धा-भाव के साथ करना चाहिए। जिस महिला को अभी तक संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो पाई है, उसे भी इस व्रत को करके माता के आशीर्वाद से इस सुख की प्राप्ति हो सकती है।
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Akshaya Tritiya 2020
भूलकर भी न करें ये काम
अक्षय तृतीया पर किसी भी प्रकार का अत्याचार, दुराचार, और किसी की पीड़ा न पहुंचाना आदि के परिणाम से होने वाला पाप कर्मफल भी अक्षुण रहता है। मान्यता है कि अगर अक्षय तृतीया के दिन कोई गलत कार्य किया जाता है तो उसका पाप हर जन्म में जीव का पीछा करता रहता है। ऐसे में शास्त्रों में इस दिन जीवात्माओं को अत्यंत ही सावधानी बरतने वाला बताया गया है। अक्षय तृतीया पर किसी भी प्रकार का सेंधा आदि व्रती नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
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