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ट्रक चालक की बेटी बनी जज, ऐसे हासिल किया अपना लक्ष्य

Tue, 10 Dec 2019 10:38 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना/शिमला/सोलन/कुमारसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना/शिमला/सोलन/कुमारसैन Published by: Krishan Singh Updated Tue, 10 Dec 2019 10:38 AM IST
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Truck driver's daughter becomes judge, achieved her goal after Four year struggle
प्रवीण लता - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के ऊना जिले में ट्रक चालक की बेटी जज बन गई है। हिमकेप्स कॉलेज ऑफ लॉ की छात्रा प्रवीण लता ने अपनी मेहनत से जज बनकर संस्थान सहित परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 

Truck driver's daughter becomes judge, achieved her goal after Four year struggle
प्रवीण लता - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को हिमकेप्स संस्थान प्रबंधन की ओर से प्रवीण लता को शाल टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। हरोली के गांव नगनोली से संबंधित प्रवीण लता ने कक्षा जमा दो की शिक्षा साथ ही गांव बढ़ेडा राजपूतां से पास की  2008 से 2013 तक बीएएलएलबी की शिक्षा प्राप्त की। 

Truck driver's daughter becomes judge, achieved her goal after Four year struggle
प्रवीण लता - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद वर्ष 2013 से 2015 तक बतौर वकील प्रैक्टिस करते हुए सफर को आगे बढ़ाया। इसी दौरान प्रवीण लता शादी के बंधन में बंधी। प्रवीण लता के ससुर जिला कोर्ट और पति चंडीगढ़ स्थित हाईकोर्ट में बतौर बकील अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रवीण लता के पिता जगदीश पाल ट्रक चालक हैं। 

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शीतल गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

सिविल जज बनीं कुमारसैन की शीतल गुप्ता
हिमाचल लोक सेवा आयोग की ओर से ली गई न्यायिक सेवा परीक्षा में कुमारसैन की शीतल गुप्ता सिविल जज बनीं हैं। शीतल की शुरूआती पढ़ाई सेंट ल्यूक्स स्कूल से हुई है और पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई पूरी की। शीतल के पिता देवेंद्र गुप्ता और माता शिवानी गुप्ता सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और सोलन के शामती में रहते हैं। शीतल के ताया पूरन चंद गुप्ता ने बताया कि बेटी ने पूरे परिवार का नाम रोशन किया है। 

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चुनौती संगरोली - फोटो : अमर उजाला

25 साल की उम्र में जज बन गईं चुनौती 
वहीं, जुब्बल तहसील की चुनौति संगरोली ने बिना किसी कोचिंग के लोक सेवा आयोग की ओर से ली गई न्यायिक सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। रोजाना 10 घंटे की पढ़ाई के बाद चुनौती ने सफलता प्राप्त की। 25 वर्ष की उम्र में चुनौति जज बन गई हैं। चुनौती ने कहा कि अधिवक्ता दौलत राम संगरोली ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार का हर कदम पर सहयोग मिला। कान्वेंट ऑफ जीजस एंड मेरी और लोरेटो कान्वेंट ताराहाल से दसवीं और बारहवीं तक की पढ़ाई करने के बाद चौड़ा मैदान स्थित विवि के यूआईएलएस से एलएलबी की पांच वर्षीय डिग्री पूरी की। एचपीयू से एलएलएम में गोल्ड मेडल, वर्ष 2018 में नेट जेआरएफ परीक्षा पास की।

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