घर से निकला तो राह में एक बंदगी मिली... मेरे लहू से आज किसी को नई जिंदगी मिली। 83 बार रक्तदान कर चुके 35 वर्षीय नरेश शर्मा अपना परिचय कुछ इसी अंदाज में देते हैं। 18 साल की उम्र में पहली बार रक्तदान कर एक नौजवान की जान बचाई तो कुछ ऐसा सुकून मिला कि अब आखिरी सांस तक रक्तदान को अपना मिशन बना लिया।
लोगों की जान बचाने का जुनून, अब तक 83 बार कर चुके हैं रक्तदान
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 04 Apr 2016 11:04 AM IST
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