कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हिमाचल के जिला सिरमौर के हरिपुरधार में कोरग गांव के मनीष कुमार ने। पढ़ाई के लिए सुबह जल्दी उठकर अखबार बेचे फिर छुट्टियों में मजदूरी भी की।
पढ़ाई के लिए मजदूरी की, अखबार भी बेचे अब अफसर बना किसान का बेटा
पढ़ाई पूरी हुई तो दिहाड़ी लगाकर अपना और परिवार का गुजारा किया। इन्हीं पैसों से प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें खरीदीं और पढ़ाई में भी दिन रात मन लगाए रखा। आखिरकार मेहनत रंग लाई और मनीष हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की एलाइड परीक्षा पास कर उद्योग विभाग में प्रसार अधिकारी के पद के लिए चयनित हो गए।
मनीष को इस मुकाम तक पहुंचाने में न सिर्फ उनकी खुद की मेहनत शामिल थी बल्कि छोटे भाई दीपराम का त्याग भी रंग लाया। अपनी कामयाबी का श्रेय मुनीष ने छोटे भाई को दिया। यह छोटा भाई ही था जिसने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और अपने भाई को पढ़ाने के लिए प्राइवेट नौकरी कर ली।
किसान परिवार से संबंध रखने वाले मुनीष ने बताया कि एक समय था जब परिवार का गुजारा कठिनाई से हो रहा था। परिवार के पास न तो अपनी जमीन है और न ही बड़ा मकान। शिमला के संजौली कॉलेज से साल 2013 में ग्रेजुएशन करने वाले मुनीष ने बताया कि कॉलेज टाइम में अखबार बेचकर पढ़ाई का खर्चा उठाया था।
बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले मुनीष के छह भाई बहन है जिन्हें वो अब पढ़ा लिखाकर उनका अच्छा करिअर बनाना चाहता है। अमर उजाला से की खास बातचीत में बताया कि उनका सपना अब एचपीएएस बनना है और इसके लिए वह दिन रात मेहनत भी रहे हैं।