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हनीप्रीत के बारे में चौंकाने वाला खुलासा, न पुलिस जान पाई न प्रशासन

Thu, 14 Sep 2017 03:37 PM IST
amarujala.com- presented by: आनंद
amarujala.com- presented by: आनंद Updated Thu, 14 Sep 2017 03:37 PM IST
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Shocking disclosures about Honeypreet neither police nor police found
हरियाणा सरकार और पुलिस के लिए सिरदर्द बनी डेरामुखी की गोद ली बेटी हनीप्रीत राम रहीम के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया था। सुनवाई के दौरान डेरामुखी के साथ उसकी कथित बेटी हनीप्रीत भी थी। डेरामुखी को हेलीकाप्टर से रोहतक सुनारिया जेल लाया गया था। हनीप्रीत भी उसके साथ आई थी। डेरामुखी के जेल में जाने के बाद हनीप्रीत अपने तीन साथियों के साथ कार में बैठकर चली गई। इसके बाद से हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं है।

 
Shocking disclosures about Honeypreet neither police nor police found
एक आईपीएस अधिकारी ने बताया कि हनीप्रीत अपने साथियों के साथ पहले रोहतक में करीब दो घंटे तक एक डेराप्रेमी के घर रुकी। इसके बाद वह सिरसा स्थित डेरे में पहुंची। डेरे में हनीप्रीत दो दिन तक रही। जब उसके खिलाफ पंचकूला में केस दर्ज कर लिया गया तो वह फरार हो गई। बता दें कि डेरा प्रमुख को दोषी करार देने के बाद गनमैन उसे कोर्ट से भगाकर ले जाना चाहते थे। इसकी साजिश हनीप्रीत ने रची थी। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
Shocking disclosures about Honeypreet neither police nor police found
रोहतक से हिसार और सिरसा तक पुलिस और पैरा मिलिट्री के कड़े पहरे के बावजूद हनीप्रीत बेरोक-टोक सिरसा डेरे तक पहुंची। तब हनीप्रीत के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया था। इस कारण हनीप्रीत को रास्ते में पूछताछ के लिए रोका नहीं गया। बताया जा रहा है कि हनीप्रीत के साथ रोहतक का एक डेराप्रेमी पहुंचा था। पुलिस उसकी रोहतक में तलाश कर रही थी, लेकिन वह सिरसा डेरे में था। दो दिन तक डेरे की गतिविधियां हनीप्रीत की देखरेख में हुईं।
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Shocking disclosures about Honeypreet neither police nor police found
राम रहीम को दोषी करार दिये जाने के बाद उसके वकील ने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि हनीप्रीत को जेल में उसके साथ रहने दिया जाए। इसका कारण बताया था कि डेरामुखी की दवाइयों के बारे में हनीप्रीत को पता है। इस पर कोर्ट ने कहा था कि यदि जेल मैन्युअल इस तरह की अनुमति देता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। जब हनीप्रीत सुनारिया जेल पहुंची तो जेल प्रशासन ने जेल मैन्युअल में ऐसी किसी भी व्यवस्था होने से इनकार कर दिया था।
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