टीवी शो क्राइम पेट्रोल से सीख लेने की बजाय एक शख्स ने हत्या को अंजाम देने का तरीका सीखा। आरोपी ने सीरियल देख जो तरीका अपनाया वह बेहद चौंकाने वाला है। लेकिन, यह भी सच है कि आरोपी कितना ही शातिर हो वह कोई न कोई सबूत जरूर छोड़ देता है। इलाहाबाद के शिवकुटी में आरोपी राजन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
तस्वीरें: क्राइम पेट्रोल देख रची हत्या की साजिश, भाई समेत चार बच्चों को काट डाला
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बचाने का तरीका क्राइम पेट्रोल देकर सूझा
आरोपी ने बताया कि हत्याकांड और खुद को फंसने से बचाने का तरीका उसे टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल देखकर सूझा। उसने बताया कि कई बार क्राइम पेट्रोल समेत कई अन्य अपराध सीरियल देखे हैं।
पुलिस को फिंगर प्रिंट नहीं मिले
वारदात के बाद पुलिस को उसके फिंगर प्रिंट इसलिए नहीं मिल पाए क्योंकि उसने वारदात को अंजाम दस्ताने पहन कर दिया। खबर है कि राजन ने कत्ल के लिए दो दिन पहले ही मुंडेरा मंडी से ढाई सौ रुपये में चापड़ खरीदा था।
घायल हुई भाभी ने किया खुलासा
प्लान के तहत आरोपी ने पूरी वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया। उसे लगा कि वह कत्ल के बाद हथियार और सुबूत ठिकाने लगाकर साफ बच जाएगा, लेकिन जिंदा बची भाभी दिदिया के बयान से सारा भेद खुल गया। दिदिया ने अपने हुए पूरे हमले के बारे में बताया जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, तीन भाईयों में सबसे बड़ा मोहर्रम था। मारे गए मोहर्रम और उसका परिवार टीनशेड में रहता था। उसी मकान के बाकी हिस्सों में मंझला भाई मुन्ना और छोटा भाई राजन भी पत्नी और बच्चों समेत रहते हैं। इस बीच परिवार में संपत्ति विवाद पर बहस छिड़ गई और गुस्साए राजन ने यह कदम उठा लिया।
इस पूरे खूनी मंजर में मोहर्रम (55), बेटा विशाल (18), बेटी नंदिनी (16), बेटा बादल (13) बेटी बबिता (10) मारे गए, जबकि पत्नी दिदिया बूरी तरह घायल हो गई।