यूपीएससी की मुख्य परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित हुआ। इसमें इंदौर के विद्यार्थियों ने भी सफलता का परचम लहराया है। शहर के उत्कर्ष द्विवेदी ने 5 वीं रैंक हासिल की है। इंदौर की अनन्या अवस्थी की 135वीं रैंक पाई है। श्रद्धा गोमे ने पहले प्रयास में 60वीं रैंक हासिल की है। चेतन चौहान ने 669वी रैंक पाई है।
पांचवीं रैंक पाने वाले उत्कर्ष के पिता जगदीश प्रसाद ने बताया कि वे मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं। पिछले करीब 12 सालों से इंदौर की शालीमार टाउनशिप में रहते हैं। बचपन से बेटे को सपना था कि उसे आईएएस बनना है। परीक्षा परिणाम आने के बाद यह सपना पूरा हुआ है। जगदीश प्रसाद बिस्किट बनाने वाली कंपनी पार्ले प्रोडक्ट के इंदौर प्लांट में सीनियर एरिया मैनेजर के रुप में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्कर्ष की स्कूली शिक्षा डीपीएस स्कूल इंदौर से पूरी हुई है। 2019 में वीआईटी वेल्लूर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग किया। तीसरे प्रयास में उत्कर्ष को सफलता मिली है। पिता जगदीश ने बताया कि उत्कर्ष के नाना व नानी जिस विभाग में काम करते थे, वहां पर डीएम विजिट के लिए जाते थे। तभी नानी ने उत्कर्ष को बताया था कि तुम्हें आगे चलकर ऐसा ही बड़ा अफसर बनना है।
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माता पिता और भाई के साथ अनन्या अवस्थी
- फोटो : सोशल मीडिया
अनन्या अवस्थी ने इंदौर के सत्य साईं विद्या विहार से स्कूली शिक्षा पूरी की है। 2019 में भी अनन्या ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली थी लेकिन तब 335वीं रैंक आई थी। अनन्या के पिता आशुतोष अवस्थी भी आईएएस रह चुके हैं। वर्तमान में अनन्या लखनऊ के भारतीय रेल प्रबंध संस्थान में ट्रेनिंग ले रही है। अनन्या का कहना है पूरी मेहनत के साथ ही परिवार के सहयोग से यहां तक पहुंची हैं। अनन्या ने बताया कि 2017 से यूपीएसी की तैयारी कर रही हूं। यह मेरा चौथा प्रयास था। मैंने टेस्ट सीरीज से ही ज्यादा समय तक पढ़ाई की है। पिता आशुतोष अवस्थी ने बताया कि अनन्या की स्कूली शिक्षा इंदौर से हुई है। भोपाल से लॉ किया है। दिल्ली में रहकर अनन्या ने चार माह तक तैयारी की थी। इसके बाद इंदौर में रहकर पढ़ाई की। अनन्या की मां डॉ. किरण अवस्थी पीएचडी हैं, जबकि भाई अनिकेत अवस्थी आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग कर अब खुद के स्टार्टअप के जरिए नवीनीकरणीय उर्जा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
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श्रद्धा गोमे को बधाई देते परिजन
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श्रद्धा गोमे इंदौर की स्कीम नंबर 74 में रहतीं हैं। पहले प्रयास में ही श्रद्धा ने 60वीं रैंक पाई है। वह 2 साल से यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। एससी श्रेणी में श्रद्धा की पूरे देश में सेकंड रैंक आई है। श्रद्धा ने बैंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया से लॉ की पढ़ाई की है। इस दौरान 13 गोल्ड मैडल भी हासिल किए हैं। वहीं फूटी कोटी रोड पर रहने वाले अनिल श्रोत्रिय की बेटी अंजलि ने यूपीएससी में 44वीं रैंक हासिल की है। अंजलि को गीत- संगीत का शौक है। अंजलि ने बताया कि माता- पिता की सीख के कारण ही आज यहां पहुंच सकी हूं।
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चेतन चौहान
- फोटो : सोशल मीडिया
इसी तरह चेतन चौहान ने 669वीं रैंक हासिल की है। चेतन ने उज्जैन से 12वीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज से बीए किया। बाद में दिल्ली से यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। पहले ही प्रयास में उन्होंने यह सफलता पाई है।